जौहर ट्रस्ट को 400 एकड़ जमीन कानूनी प्रक्रिया के तहत खरीदने की शर्त पर अनुमन्य की गई। एससी/एसटी, गांव सभा और शत्रु संपत्ति की भूमि बिना प्राधिकारी की अनुमति के खरीद ली गई थी।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने मौलाना मोहम्मद अली जौहर ट्रस्ट द्वारा अवैध रूप से खरीदी गई 70 हेक्टेयर भूमि को राज्य में निहित करने के मामले में दाखिल विशेष अपील खारिज कर दी है। कोर्ट ने कहा कि भू-राजस्व अधिनियम के तहत विधिक कार्यवाही के खिलाफ याचिका पर पारित आदेश के खिलाफ विशेष अपील पोषणीय नहीं है। यह आदेश न्यायमूर्ति एसडी सिंह और न्यायमूर्ति बृजराज सिंह की खंडपीठ ने ट्रस्ट की तरफ से एकल पीठ के फैसले के खिलाफ दाखिल विशेष अपील पर दिया।
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जौहर ट्रस्ट को 400 एकड़ जमीन कानूनी प्रक्रिया के तहत खरीदने की शर्त पर अनुमन्य की गई। एससी/एसटी, गांव सभा और शत्रु संपत्ति की भूमि बिना प्राधिकारी की अनुमति के खरीद ली गई थी। जिसे कोर्ट ने सही नहीं माना और आदेश दिया कि 12.5 एकड़ के अलावा शेष जमीन राज्य में निहित की जाय। एडीएम ने शेष जमीनों को राज्य में निहित करने का आदेश दिया। जिसे चुनौती दी गई। कोर्ट ने याचिका खारिज कर दी। इसी आदेश को विशेष अपील में चुनौती दी गई थी।