सुरक्षा और यातायात के कड़े इंतजाम
पुलिस आयुक्त जोगेंद्र कुमार ने बताया कि मेला क्षेत्र की सुरक्षा के लिए व्यापक प्रबंध किए गए हैं। श्रद्धालुओं की सुरक्षा हेतु थाने, चौकियां, जल पुलिस थाने, कंट्रोल रूम और वॉच टावर स्थापित किए गए हैं। पूरे मेला क्षेत्र में एआई आधारित सीसीटीवी कैमरों से निगरानी रखी जाएगी। अंतरराज्यीय सीमाओं पर भी पुलिस टीमों की तैनाती की गई है।
उन्होंने बताया कि मेला क्षेत्र से लेकर कमिश्नरेट तक यातायात व्यवस्था को सुचारू रखने के लिए 10 चक्र की सुरक्षा व्यवस्था लागू की गई है। यातायात का संचालन इसी योजना के तहत किया जाएगा। महावीर और अक्षयवट कॉरिडोर पर विशेष सुरक्षा व्यवस्था की जाएगी।
चिकित्सा, स्वच्छता और सुविधाओं पर जोर
जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा ने बताया कि मेला क्षेत्र में चिकित्सा और स्वच्छता के लिए विशेष प्रबंध किए गए हैं। मोबाइल टॉयलेट, संस्थागत शौचालय, डस्टबिन, लाइनर बैग और पर्याप्त संख्या में सफाईकर्मियों की तैनाती की गई है। मेला क्षेत्र को प्लास्टिक मुक्त रखने के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा। खाद्य सुरक्षा विभाग की टीमें खाद्य सामग्री की गुणवत्ता की जांच करेंगी। प्रत्येक सेक्टर में अलाव की व्यवस्था की गई है और श्रद्धालुओं के लिए कंबल भी उपलब्ध कराए गए हैं।
मोबाइल नेटवर्क की समस्या होगी दूर
मंडलायुक्त सौम्या अग्रवाल ने बताया कि मेला क्षेत्र में मोबाइल नेटवर्क की समस्या को लेकर दूरसंचार कंपनियों से समन्वय कर लिया गया है। शुक्रवार रात तक नेटवर्क कनेक्टिविटी की समस्या दूर कर ली जाएगी, ताकि डिजिटल सेवाओं के उपयोग में कोई बाधा न आए।
पहली बार कई नई सुविधाएं
प्रशासन ने पहली बार श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए बाइक सेवा शुरू करने की योजना बनाई है, जिससे श्रद्धालु संगम के समीप तक पहुंच सकेंगे। इसके अलावा विद्युत पोलों पर लगाए गए क्यूआर कोड के माध्यम से श्रद्धालु अपनी शिकायत दर्ज करा सकेंगे, जिससे त्वरित सहायता उपलब्ध हो सकेगी।
माघ मेले में खास व्यवस्थाएं
- 25 हजार से अधिक चेंजिंग रूम
- 5 हजार से अधिक सुरक्षा कर्मियों की तैनाती
- मेला क्षेत्र में दो बड़े अस्पताल
- 15 हजार से अधिक विद्युत पोल पर क्यूआर कोड
- पहली बार 9 पांटून पुलों का निर्माण