याची अधिवक्ता ने दलील दी कि अभियोजन पक्ष हत्या का कोई प्रत्यक्ष चश्मदीद गवाह पेश नहीं कर पाया है। मृतका की मां ने कहा कि पुलिस ने आरोपी को घटनास्थल से पकड़ा, जबकि जांच अधिकारी के अनुसार गिरफ्तारी ट्रोनिका सिटी के गेट नंबर 2 से हुई। इससे गवाह की विश्वसनीयता पर सवाल उठता है। राज्य के वकील ने दलील दी कि आरोपी ने अपनी पहली शादी छिपाकर मृतका से दूसरी शादी की थी, जो विवाद और हत्या का मुख्य कारण बना। हत्या में इस्तेमाल किया गया सिलिंडर आरोपी की निशानदेही पर बरामद किया गया था।
कोर्ट ने पाया कि अभियोजन पक्ष घटनाओं की ऐसी कड़ी जोड़ने में विफल रहा जो केवल आरोपी के दोष की ओर इशारा करती हो। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि घटनास्थल पर आरोपी की उपस्थिति साबित नहीं हुई है और सिलिंडर की बरामदगी भी संदिग्ध थी क्योंकि वह पहले से ही पुलिस की जानकारी में था। जबकि अभियोजन पक्ष का कहना था कि सिलिंडर आरोपी के बताने पर बरामद हुथा था। इसके साथ ही कोर्ट ने जेल अपील स्वीकार करते हुए आरोपी को तत्काल रिहा करने का आदेश दिया।