गर्म हवाएं और तेज धूप से लोगों को भीषण गर्मी का सामना करना पड़ रहा है। दोपहर में भट्टी की तरह धधकती सड़क के कारण कम ही लोग घर से बाहर निकल रहे हैं। वहीं, मौसम विभाग ने अगले तीन दिनों तक हीटवेव का अलर्ट जारी किया है। ऐसे में अधिकतम तापमान 45 डिग्री तक पहुंचने के आसार है। इससे गर्मी का प्रकोप और ज्यादा हावी होने की संभावना है।
उधर, चिकित्सकों का कहना है कि जरूरी होने पर ही सुबह 10 बजे से लेकर शाम चार बजे के बीच घर से निकलें। खासतौर से बुजुर्ग और बच्चों को घर पर ही रहने की सलाह दी है।
इसके अलावा जानवरों के लिए भी विशेष इंतजाम करने की सलाह दी गई है। चिकित्सकों का कहना है कि इस मौसम में डायरिया और बुखार का खतरा काफी बढ़ जाता है। लोग साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखें और बासी खाना और दूषित पानी का सेवन न करें।
पानी उबाल कर पीएं। गर्मी में शरीर के द्रव्य बॉडी फ्ल्यूड सूखने लगते हैं। शरीर में पानी, नमक की कमी होने पर लू लगने का खतरा ज्यादा रहता है। शराब की लत, हृदय रोग, पुरानी बीमारी, मोटापा, पार्किंसस रोग, अधिक उम्र, अनियंत्रित मधुमेह वालों को लू से विशेष बचाव करने की जरूरत है। इसके अलावा डॉययूरेटिक, एंटीस्टिमिनक, मानसिक रोग की औषधि का उपयोग करने वाले व्यक्ति भी लू से सावधान रहें।
लू लगने के लक्षण
गर्म, लाल, शुष्क त्वचा का होना, पसीना न आना, तेज पल्स होना, उल्टे श्वास गति में तेजी, व्यवहार में परिवर्तन, भ्रम की स्थिति, सिरदर्द, मिचली, थकान और कमजोरी का होना या चक्कर आना, यूरिन न होना अथवा इसमें कमी आदि मुख्य लक्षण हैं। इन लक्षणों के चलते मनुष्यों के शरीर के उच्च तापमान से आंतरिक अंगों, विशेष रूप से मस्तिष्क को नुकसान पहुंचता है। इससे शरीर में उच्च रक्तचाप उत्पन्न हो जाता है।
ऐसे करें बचाव
1. रेडियो सुनिए, टीवी देखिए, स्थानीय मौसम समाचार के लिए समाचार पत्र पढ़ें।
2. पर्याप्त पानी पीएं, भले ही प्यास न लगे।
3. खुद को हाइड्रेटेड रखने के लिए ओआरएस (ओरल रिहाइड्रेशन सॉल्यूशन), लस्सी, तोरानी (चावल का पानी), नींबू का पानी, छाछ आदि जैसे घरेलू पेय का इस्तेमाल करें।
4. हल्के वजन, हल्के रंग के, ढीले, सूती कपड़े पहनें।
5. अपना सिर ढकें। कपड़े, टोपी या छतरी का उपयोग करें।
6. हाथों को साबुन और पानी से बार-बार धोएं।
7. जरूरत पड़ने पर दिन में घर से बाहर निकलें।