प्रदेश के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य की डिग्री विवाद में एफआईआर दर्ज कराने की मांग पर इलाहाबाद हाईकोर्ट में पुनरीक्षण याचिका पर शनिवार को भी सुनवाई हुई।
प्रदेश के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य की डिग्री विवाद में एफआईआर दर्ज कराने की मांग पर इलाहाबाद हाईकोर्ट में पुनरीक्षण याचिका पर शनिवार को भी सुनवाई हुई। आरोप है कि डिप्टी सीएम की हिंदी साहित्य सम्मेलन की डिग्री मान्यता प्राप्त नहीं है। जिला अदालत ने पहले एफआईआर से इन्कार कर दिया था। इसके खिलाफ याची ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति संजय कुमार सिंह की अदालत कर रही है।
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सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर हाईकोर्ट में चल रही सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से अपर महाधिवक्ता मनीष गोयल और शासकीय अधिवक्ता एके. संड ने दलील दी कि याचिका में लगाए गए आरोप संज्ञेय अपराध की श्रेणी में नहीं आते और झूठा हलफनामा देने पर अधिकतम छह माह की सजा है। ऐसे मामूली मामले में एफआईआर दर्ज करना जरूरी नहीं है।
याची की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता डीएस मिश्र और अधिवक्ता अभिषेक मिश्र ने दलील दी कि यह सार्वजनिक पद की गरिमा और पारदर्शिता से जुड़ा गंभीर मामला है, जिसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। अब मामले की सुनवाई अगले सप्ताह होगी।