अब्बास के अधिवक्ता उपेंद्र उपाध्याय ने दलील दी कि चित्रकूट में बंद रहने के दौरान अवैध तरीके से मुलाकात व जेलकर्मियों को धमकाने में जिस एफआईआर के आधार गैंगस्टर की कार्रवाई की गई थी, उस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने जमानत मंजूर कर ली है।
गैंगस्टर मामले में मुख्तार अंसारी के बेटे सुभासपा से विधायक अब्बास अंसारी की जमानत अर्जी पर इलाहाबाद हाईकोर्ट में सुनवाई पूरी हो गई। न्यायमूर्ति समित गोपाल की अदालत ने एक घंटे चले दावे-प्रतिदावे के बाद फैसला सुरक्षित कर लिया है।
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अब्बास के अधिवक्ता उपेंद्र उपाध्याय ने दलील दी कि चित्रकूट में बंद रहने के दौरान अवैध तरीके से मुलाकात व जेलकर्मियों को धमकाने में जिस एफआईआर के आधार गैंगस्टर की कार्रवाई की गई थी, उस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने जमानत मंजूर कर ली है। लिहाजा, गैंगस्टर मामले में भी अब्बास जमानत के हकदार हैं। जबकि, जमानत अर्जी का विरोध कर रहे अपर महाधिवक्ता मनीष गोयल ने कहा कि अब्बास विधायक हैं। कानून के प्रति इनकी अहम जिम्मेेदारी है। कानून तोड़ना शोभा नहीं देता।