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छात्राओं ने थानेदार बन की सुनवाई

Sun, 10 Dec 2017 12:53 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
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इलाहाबाद - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
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शहर के छह थानों कर्नलगंज, खुल्दाबाद, सिविल लाइंस, मुट्ठीगंज, दारागंज और कोतवाली थानों में शनिवार को अलग ही नजारा था। थानेदार की सीट पर छात्राएं बैठीं थीं। उन्होंने न सिर्फ फरियादियों की बातें सुनीं बल्कि समस्याओं को सुलझाने के लिए निर्देश भी दिए। नारी सशक्तीकरण सप्ताह के अवसर छात्राओं को थानेदार बनने का अवसर दिया गया था।
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मुट्ठीगंज में थाने में एक दिवसीय थानाध्यक्ष बनी प्रगति मिश्रा आर्य कन्या डिग्री कालेज में सर्वश्रेष्ठ छात्रा के रूप में सम्मानित हुई थीं। प्रगति थानेदार की कुर्सी पर बैठीं तो मौजूद एसओ निशिकांत राय बगल में मौजूद थे। प्रगति ने वहां पहुंचने वाले फरियादियों की सुनवाई की। उन्हें सुलझाने के लिए विवेचकों को निर्देश दिए। साथ ही दोनों पक्षों को भी समझाने का प्रयास किया। उन्होंने थाने की व्यवस्था पर एसएसपी को पत्र भी लिखा। इसी तरह सिविल लाइंस में इंस्पेक्टर की कुर्सी पर बिशप जानसन की छात्रा साक्षी वर्मा बैठीं।

उन्होंने एंटी रोमियो स्क्वायड की दरोगा अंकिता यादव और इंद्रकांति सिंह के साथ चेकिंग की। उन्होंने तमाम लोगों के हेल्मेट चेक करते हुए उनसे हेल्मेट पहनने की अपील की। उन्होंने लड़के लड़कियों से भी पूछताछ की। कर्नलगंज में शोध छात्रा सविता साहू इंस्पेक्टर की भूमिका में थीं तो बीएससी की छात्रा प्रीती यादव और बीकाम की छात्रा यशस्वी उनके अधीनस्थ दरोगा के रूप में थाने पर मौजूद थीं। थाने पर आने वाले फरियादियों की समस्याओं पर तीनों ही छात्राओं ने महत्वपूर्ण राय दिया। झगड़े के मामलों में दोनों पक्षों को उन्हें समझाने बुझाने का प्रयास किया। खुल्दाबाद थाने में इलाहाबाद विश्वविद्यालय की लॉ छात्रा रविश्री राजे को थानेदार बनाकर बिठाया गया था। कोतवाली में एडीसी में पढ़ने वाली अवनि अस्थाना को थानेदार की कुर्सी दी गई थी। दारागंज में प्रतियोगी छात्रा मीनू को जिम्मेदारी सौंपी गई थी। सभी ने थानेदार बनकर मामलों को सुलझाया।
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