अभियुक्त आनंद गिरि के अधिवक्ता ने डिस्चार्ज प्रार्थना पत्र दाखिल करने के लिए समय की मांग की, वहीं अभियुक्त आद्या प्रसाद तिवारी के अधिवक्ता बीमार होने के कारण उपस्थित नहीं हो सके और अभियुक्त संदीप तिवारी ने अधिवक्ता नियुक्त करने के लिए समय की मांग की।
जिला न्यायालय में शुक्रवार को महंत नरेंद्र गिरि हत्याकांड मामले में आरोप तय करने के लिए सुनवाई हुई। तीनों अभियुक्तों आनंद गिरि, आद्या प्रसाद तिवारी एवं संदीप तिवारी की पेशी वीडियो कान्फ्रेन्सिंग के माध्यम से कराई गई। अभियुक्त आनंद गिरि के अधिवक्ता ने डिस्चार्ज प्रार्थना पत्र दाखिल करने के लिए समय की मांग की, वहीं अभियुक्त आद्या प्रसाद तिवारी के अधिवक्ता बीमार होने के कारण उपस्थित नहीं हो सके और अभियुक्त संदीप तिवारी ने अधिवक्ता नियुक्त करने के लिए समय की मांग की।
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इस कारण आरोप विरचित नहीं हो सका। न्यायालय ने आरोप विरचित करने के लिए सात नवंबर की तिथि नियत की। यह आदेश सत्र न्यायाधीश संतोष राय ने अभियुक्तों के वकील और शासकीय अधिवक्ता गुलाब चंद्र अग्रहरी के तर्कों को सुनकर दिया। उक्त मामले में सीबीआई की ओर से अभियोजन अधिकारी दीपनारायण भी उपस्थित रहे।