प्रधानी चुनाव की पुरानी रंजिश को लेकर बहराइच में हुए तिहरे हत्याकांड में शुक्रवार को बचाव पक्ष की ओर से बहस की गई। प्रकरण की सुनवाई कर रही स्पेशल कोर्ट (एमपीएमएलए) ने कहा है कि एक अप्रैल तक कोई भी पक्ष अपना तर्क प्रस्तुत कर सकता है। कोर्ट ने छह अप्रैल को फैसले की तारीख नियत की है।
यह आदेश स्पेशल कोर्ट के जज पवन कुमार तिवारी ने एसपीओ लाल चन्दन, एडीजीसी राजेश गुप्ता और बचाव पक्ष के अधिवक्ता ताराचंद गुप्ता और विजय सिंह गौर को सुनकर दिया है। घटना 29 जून 1995 की बहराइच के कोतवाली थाने की है। वादी शिव मंगल ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसके चचेरे भाई गोकर्ड सिंह, अमरीका सिंह, भतीजा नीरज सिंह, बजरंगी सिंह और रिश्तेदार बलवीर और मुनीजर सिंह के साथ तहसील से लौट रहे थे।
गांव के धीरू सिंह से पुरानी रंजिश थी। आरोप है कि सुरेश्वर सिंह, बजेश्वर सिंह आदि ने रास्ते में घेरकर उन पर फायरिंग शुरू कर दी। घटना में गोकर्ण सिंह, बजरंगी सिंह और अमरीका सिंह की मौत हो गई थी। पत्रावली सुनवाई के लिए स्पेशल कोर्ट अंतरित होकर आई है। प्रकरण में महसी के विधायक सुरेश्वर सिंह सहित 11 अभियुक्त हैं। मुकदमे की त्वरित सुनवाई का आदेश हाईकोर्ट ने दिया है।