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कोरोना से संक्रमित संदिग्ध के पहुंचते ही भाग खड़े हुए स्वास्थ्य कर्मी, अस्पताल में दहशत

Thu, 19 Mar 2020 01:55 AM IST
विनोद सिंह न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
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मनोवैज्ञानिक की राय - फोटो : Amar Ujala
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कोरोना के संक्रमण को रोकने के लिए भले ही तमाम दावे किए जा रहे हों और एसआरएन अस्पताल में इसके लिए विशेष तौर पर दो वार्ड बनाए गए हैं लेकिन, हालात यह हैं कि बुधवार को जब एक संदिग्ध मरीज पहुंचा तो उसे देखते ही अस्पताल कर्मी दूर भाग खड़े हुए।
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करीब एक घंटे तक कोई उसके पास नहीं फटका। उसकी परेशानी सुनने को वहां कोई तैयार नहीं था। जो वहां मौजूद डॉक्टर थे, धीरे-धीरे अगल-बगल निकल गए। जब प्राचार्य और विभागाध्यक्ष पहुंचीं, तब जाकर उसकी जांच शुरू हुई। इस बीच संदिग्ध मरीज पूरे अस्पताल के लिए अजूबा बना रहा।

एसआरएन अस्पताल में कोरोना संक्रमित मरीजों के लिए पहले 20 बेड का अलग से वार्ड बनाया गया। जैसे-जैसे कोरोना की दहशत फैली, व्यवस्था पहले से ज्यादा बढ़ा दी गई। इसके मद्देनजर 260 वार्ड का एक वार्ड और बनाया गया। जो कि सभी आवश्यक चिकित्सीय सुविधाओं से युक्त बताया जाता है। अस्पताल में रोज ही सर्दी-खांसी से पीड़ित मरीज पहुंच रहे हैं। सभी कोरोना को लेकर ही आशंकित दिखाई देते हैं।
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मगर, किसी में अब तक कोरोना के लक्षण डॉक्टरों के मुताबिक नहीं दिखे हैं। लेकिन, बुधवार को जब एसआरएन अस्पताल परिसर में संदिग्ध मरीज पहुंचा और उसने बताया कि वह इटली से आया है, उसकी जांच तो दूर, परेशानी सुनने वाला कोई नजर नहीं आया। जिसने भी उसके इटली से आने के बारे में सुना, धीरे से खिसक लिया। वहां मौजूद डॉक्टरों के अलावा मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव और अन्य अस्पताल कर्मी कई मीटर दूर जाकर खड़े हो गए। घंटे भर तक ऐसी ही अफरातफरी मची रही। 

इटली में कर रहा पढ़ाई
अस्पताल में पहुंचे युवक का कहना था कि वह इटली में रहकर पढ़ाई कर रहा है। आठ मार्च को दिल्ली पहुंचा। उसी दिन हमसफर एक्सप्रेस से चलकर नौ मार्च को घर आ गया। इसके बाद उसे परेशानी महसूस हुई। तब जाकर उसने अपना चिकित्सीय परीक्षण कराने की सोची और एसआरएन अस्पताल पहुंचा।

आईसोलेशन वार्ड में किया गया भर्ती

पीड़ित युवक को कोरोना के संदिग्ध मरीजों के लिए बने आइसोलेशन वार्ड में भर्ती किया गया है, जहां वार्ड के प्रभारी डॉ. सुनील वर्मा की निगरानी में उसका उपचार किया जा रहा है। उस पर बराबर नजर रखी जा रही है।

पीड़ित के परिवार के भी रक्त नमूने की जांच

प्राचार्य डॉ. एसपी सिंह ने बताया कि सीएमओ के मार्फत संदिग्ध मरीज और उसके परिवार के रक्त के नमूने जांच के लिए लखनऊ भेजे गए हैं। रिपोर्ट आने पर आगे कार्रवाई की जाएगी। इस दौरान आवश्यक उपचार किया जाएगा।
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