बरतें ये सावधानियां
- संदिग्ध लिंक पर क्लिक न करें और ना ही अनजान एप डाउनलोड करें
- संदिग्ध ट्रांजैक्शन दिखे तो तुरंत बैंक व साइबर हेल्पलाइन को सूचना दें।
- मोबाइल में स्क्रीन शेयरिंग या रिमोट एक्सेस वाले एप इंस्टॉल न करें।
- समय-समय पर बैंक खाते और यूपीआई ट्रांजैक्शन की जांच करते रहें।
- सार्वजनिक वाई-फाई नेटवर्क पर बैंकिंग से जुड़े काम करने से बचें।
- सोशल मीडिया पर अपनी निजी और बैंकिंग जानकारी साझा न करें।
- ठगी होने पर तुरंत 1930 साइबर हेल्पलाइन पर शिकायत करें।
केस-एक
कोतवाली एरिया निवासी सुशील कुमार ने बताया कि उनके खाते से 96,500 रुपये सम्राट बैरागी नामक व्यक्ति के खाते में ट्रांसफर हो गए। इस लेन-देन की उन्हें कोई जानकारी नहीं थी। न तो मोबाइल पर कोई ओटीपी आया और ना ही कोई फोन या मैसेज मिला। साइबर पुलिस मामले की जांच कर रही है।
केस-दो
कौंधियारा निवासी रितेश जायसवाल ने बताया कि उनके बैंक खाते से सात लाख रुपये का ट्रांजैक्शन हो गया। रुपये कटने से पहले न तो कोई ओटीपी आया, न बाद में कोई मैसेज। बैंक गया तो रुपये कटने की जानकारी हुई। साइबर पुलिस मोबाइल नंबर व बैंक खाता नंबर के आधार पर ठगों की पहचान कर रही है।
थोड़ी सी सावधानी से साइबर ठगी से बचा जा सकता है। संदिग्ध लेनदेन होने पर तुरंत बैंक और साइबर हेल्पलाइन को सूचना दें। -घनश्याम यादव, साइबर सेल प्रभारी