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Health : बड़ों के साथ अब बच्चे भी हो रहे मोटापे के शिकार, खतरनाक साबित हो रहा जंक फूड, ऐसे होगा बचाव

Sat, 03 Feb 2024 04:50 PM IST
विनोद सिंह अमर उजला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

मोटापे की बढ़ती बीमारी को लेकर आयोजित मेडिकल कॉंफ्रेंस में देश के जाने माने विशेषज्ञों ने अपने अनुभव साझा किए। मोटापा और शुगर को डबल दीमक बताया। कहा कि इससे शरीर धीरे-धीरे खोखला होने लगता है और तमाम बीमारियां घर कर लेती हैं। 
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मोटापा। सांकेतिक चित्र - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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सिविल लाइंस के एक होटल में डायबिटीज एजुकेशन फाउंडेशन की ओर से आयोजित दो दिवसीय महिला मेटाबोलिक, एंडोकाइन और पोषण सम्मेलन में मोटापा और मधुमेह रोग विशेषज्ञों ने मोटापे की बढ़ती बीमारी के बारे में चर्चा की। मोटापे के कारण और इससे बचाव के उपायों के बारे में अपने अनुभव साझा किए। चिकित्सकों ने बताया कि पहले यह बीमारी अमूमन 40 साल के बाद लोगों को होती थी, लेकिन अब समय बदल गया है। महिलाओं के साथ ही छोटे बच्चों में भी यह बीमारी तेजी से बढ़ रही है। इसका मुख्य कारण खानपान है।

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करनाल से आए विशेषज्ञ डॉ. आशीष ने बताया कि जंक फूड का अधिक सेवन और मेहनत कम करने के कारण यह रोग तेजी से फैल रहा है। इसके कारण तमाम बीमारियों की चपेट में लोग आ रहे हैं। आम आदमी मोटापे को बीमारी नहीं मानता है। इसे सेहत की निशानी और धनवान व्यक्ति की निशानी मानी जाती थी, लेकिन यह गलत है। मोटापा बड़ी बीमारी है। इससे दिल की बीमारी होती है।

मोटापे से बीपी, हार्ट अटैक और लकवा हो सकता है। मोटापे के साथ शुगर होना और भी खतरनाक है। इसे डबल दीमक भी कहा जाता है, जो धीरे-धीरे व्यक्ति को अनेक रोगों का घर बना देता है। अगर किसी को मोटापा है तो उसका सही उपचार होना चाहिए।

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वुमेनकॉन का शुभारंभ करते मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. एसपी सिंह। - फोटो : अमर उजाला
कड़ी मेहनत करने पर पाया जा सकता है नियंत्रण

पानीपत हरियाणा के डॉ. अशोक रोहिल्ला ने बताया कि अब आज के दौर में मोटापे का रोग तेजी से बढ़ रहा है। इसका एक कारण नहीं होता है। हारमोन और मोटापा एक दूसरे से जुड़ा हुआ है। खानपान, व्यायाम करके और फास्ट फूड कम करके इस पर रोक लगा सकते हैं।
 
बैंगलोर की डॉ. प्रमिला कालरा ने बताया कि आज मोटापा छोटे बच्चों से लेकर बड़ों तक में तेजी से बढ़ रहा है। मोटापा होने का मुख्य कारण है कि लोग खाते ज्यादा हैं और मेहनत कम करते हैं। ज्यादा देर तक बैठने से भी मोटापा बढ़ता है। गैर जरूरी भोजन पर नियंत्रण से मोटापे को दूर किया जा सकता है। इसके लिए जरूरी है कि सही तरीके का खाना खाएं। क्या खाना चाहिए और क्या नहीं इस पर ध्यान देने की जरूरत है।

बताया कि शरीर के पोषण के लिए 40 से 55 प्रतिशत तक ही कार्बोहाइड्रेड ही लेना चाहिए। साथ ही 15 प्रतिशत तक प्रोटीन भी जरूरी है। प्रोटीन का स्रोत दाल, अंडा आदि हैं। तला हुआ पदार्थ कम से कम खाएं। इस बीमारी को दूर करने के लिए व्यायाम सबसे अधिक जरूरी है। कौन सा व्यायाम किस मरीज को कितना समय करना चाहिए, यह जानना जरूरी है। मोटापा कम करने की दवा भी आती है, लेकिन हर मरीज को दवा नहीं दी जा सकती। अलग-अलग मरीजों के लिए अलग-अलग दवा होती है। उससे मोटापा कम होता है। हर मरीज को दवा की भी जरूरत नहीं होती है, नियमित व्यायाम से इस पर पूरी तरह से नियंत्रण किया जा सकता है।
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आहार में फाइबर की मात्रा कम होने से बढ़ रहा मोटापा
 
पश्चिम बंगाल की डॉ. नेहा अग्रवाल ने बताया कि पहले लोग फाइबर ज्यादा लेते थे। अब फाइबर की मात्रा काफी कम हो गई है। आज बच्चे चॉकलेट, जंक फूड, फास्ट फूड अधिक ले रहे हैं। फाइबर के ज्यादा उपयोग से हम हार्ट की बीमारी, बीपी को कम किया जा सकता है। पश्चिमीकरण के प्रभाव के कारण हम तली हुई खाद्य पदार्थ अधिक ले रहे हैं। मोटापा एक बीमारी है। डाइट प्लान का लगातार पालन करने से इसका फायदा होगा। जैसे ही इसको रोका जाएगा फिर स्थिति जस की तस हो जाती है। मेहनत करने और उचित आहार लेने से इस पर नियंत्रण किया जा सकता है।
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