वुमेनकॉन का शुभारंभ करते मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. एसपी सिंह।
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कड़ी मेहनत करने पर पाया जा सकता है नियंत्रण
पानीपत हरियाणा के डॉ. अशोक रोहिल्ला ने बताया कि अब आज के दौर में मोटापे का रोग तेजी से बढ़ रहा है। इसका एक कारण नहीं होता है। हारमोन और मोटापा एक दूसरे से जुड़ा हुआ है। खानपान, व्यायाम करके और फास्ट फूड कम करके इस पर रोक लगा सकते हैं।
बैंगलोर की डॉ. प्रमिला कालरा ने बताया कि आज मोटापा छोटे बच्चों से लेकर बड़ों तक में तेजी से बढ़ रहा है। मोटापा होने का मुख्य कारण है कि लोग खाते ज्यादा हैं और मेहनत कम करते हैं। ज्यादा देर तक बैठने से भी मोटापा बढ़ता है। गैर जरूरी भोजन पर नियंत्रण से मोटापे को दूर किया जा सकता है। इसके लिए जरूरी है कि सही तरीके का खाना खाएं। क्या खाना चाहिए और क्या नहीं इस पर ध्यान देने की जरूरत है।
बताया कि शरीर के पोषण के लिए 40 से 55 प्रतिशत तक ही कार्बोहाइड्रेड ही लेना चाहिए। साथ ही 15 प्रतिशत तक प्रोटीन भी जरूरी है। प्रोटीन का स्रोत दाल, अंडा आदि हैं। तला हुआ पदार्थ कम से कम खाएं। इस बीमारी को दूर करने के लिए व्यायाम सबसे अधिक जरूरी है। कौन सा व्यायाम किस मरीज को कितना समय करना चाहिए, यह जानना जरूरी है। मोटापा कम करने की दवा भी आती है, लेकिन हर मरीज को दवा नहीं दी जा सकती। अलग-अलग मरीजों के लिए अलग-अलग दवा होती है। उससे मोटापा कम होता है। हर मरीज को दवा की भी जरूरत नहीं होती है, नियमित व्यायाम से इस पर पूरी तरह से नियंत्रण किया जा सकता है।
आहार में फाइबर की मात्रा कम होने से बढ़ रहा मोटापा
पश्चिम बंगाल की डॉ. नेहा अग्रवाल ने बताया कि पहले लोग फाइबर ज्यादा लेते थे। अब फाइबर की मात्रा काफी कम हो गई है। आज बच्चे चॉकलेट, जंक फूड, फास्ट फूड अधिक ले रहे हैं। फाइबर के ज्यादा उपयोग से हम हार्ट की बीमारी, बीपी को कम किया जा सकता है। पश्चिमीकरण के प्रभाव के कारण हम तली हुई खाद्य पदार्थ अधिक ले रहे हैं। मोटापा एक बीमारी है। डाइट प्लान का लगातार पालन करने से इसका फायदा होगा। जैसे ही इसको रोका जाएगा फिर स्थिति जस की तस हो जाती है। मेहनत करने और उचित आहार लेने से इस पर नियंत्रण किया जा सकता है।