बकौल श्यामबाबू यही उनका टर्निंग प्वांइट था। उन्होंने उसी दम दौड़ अधूरी छोड़ दी और लौट आए। उसके बाद पीसीएस परीक्षा की ही एक लक्ष्य बनाकर तैयारी शुरू कर दी। पुलिस की ड्यूटी के बीच समय न मिलने से वह कोई कोचिंग भी नहीं कर सके। ऐसे में प्रतियोगी छात्रों के बीच किराए में कमरा लेकर रहना शुरू किया। डेलीगेसी में रहकर उनसे नोट्स लेकर तैयारी करते रहे। श्यामबाबू के मुताबिक दिमाग में लक्ष्य साफ रहने से तैयारी करने में आसानी रही। अब तक अविवाहित श्यामबाबू के मुताबिक उन्होंने इतने वर्षों में यह चीज बखूबी सीखी कि कभी असफलता से घबराना नहीं चाहिए। असफलताओं ने उनका भी पीछा किया, लेकिन उन्होंने उसे कभी हावी नहीं होने दिया। श्यामबाबू का फिल्मी शौक सिर्फ मोबाइल तक ही सीमित है।
परीक्षार्थियों को दिए ये सुझाव
1. असफलता से कभी न घबराएं, दृढ़ संकल्पी बनें
2. छोटे लक्ष्य बनाकर भी पा सकते बड़ा लक्ष्य
3. कोचिंग के सहारे न रहें, स्वाध्याय पर दें ध्यान
श्यामबाबू अंग्रेजी के कम ज्ञान को पीएसएस परीक्षा की राह में कोई बाधा नहीं मानते। उनका कहना है अंग्रेजी में पकड़ न होने के बावजूद इस परीक्षा में सफलता हासिल की जा सकती है। इंटरव्यू के बारे में उन्होंने बताया कि करेंट अफेयर्स के अलावा चुने गए विषय पर समग्र जानकारी पर ही भरोसा करना चाहिए। इसी तैयारी के आधार पर पीसीएस परीक्षा की राह आसान बनाई जा सकती है।