इलाहाबाद। हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के चुनाव को चुनौती देने वाली याचिकाएं बुधवार को खारिज कर दी गई। याचिकाएं खारिज करते हुए हाईकोर्ट ने कहा कि याचीगण के पास वैकल्पिक उपचार उपलब्ध है इसलिए वह चाहें तो सोसाइटी रजिस्ट्रेशन एक्ट की धारा 25 के तहत वैकल्पिक अनुतोष प्राप्त कर सकते हैं। अधिवक्ता हरबंश सिंह और सुनीता शर्मा ने इस मामले में याचिकाएं दाखिल की थी। याचिका पर न्यायमूर्ति दिलीप गुप्ता और न्यायमूर्ति एमके गुप्ता की पीठ ने सुनवाई की।
याचिका में बार चुनाव में धांधली के आरोप लगाए गए थे। कहा गया कि मतदान के दिन मत दोपहर बाद अचानक तेजी से पड़े और आंकड़ा दो गुने से अधिक पहुंच गया। मतपत्रों में कई खामियों का जिक्र किया गया। कहा गया कि बार एसोसिएशन न्यायपालिका का हिस्सा है इसलिए हाईकोर्ट को इसमें हस्तक्षेप करना चाहिए। याचीगण की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता वीसी मिश्र ने पक्ष रखा।
हाईकोर्ट बार की ओर से अधिवक्ता अनूप त्रिवेदी और संयुक्त सचिव प्रशासन अजय कुमार मिश्र ने बहस की। बार ने याचिका की पोषणीयता पर आपत्ति करते हुए कहा कि चुनाव में गड़बड़ी के खिलाफ सोसाइटी रजिस्ट्रेशन एक्ट की धारा 25 के तहत एसडीएम के समक्ष अर्जी दी जा सकती है। चुनाव से संबंधित तथ्यात्मक प्रश्नों पर सुनवाई की अधिकारिता हाईकोर्ट को नहीं है। अदालत ने बार की दलील स्वीकार करते हुए याचिकाएं खारिज कर दीं।