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हवाला का था वराणसी के सराफा कारोबारी के कर्मचारियों से लूटा गया पैसा

Fri, 05 Feb 2021 07:50 PM IST
विनोद सिंह न्यूज नेटवर्क, प्रयागराज
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प्रतापगढ़ के हथिगवां इलाके में करोड़ों  की लूट के मामले में शुक्रवार को सनसनीखेज खुलासा हुआ है। कोखराज पुलिस के हत्थे चढ़े वराणसी के सराफा कारोबारी के चालक ने चार करोड़ से ज्यादा कैश लूटे जाने की बात कही और कुबूला की पैसा हवाला का है। हालांकि कथित वारदात में लूटी गई स्कार्पियो बरामद होने के बाद कोखराज कोतवाली में कारोबारी ने सिर्फ 40 लाख लूटे जाने की रिपोर्ट दर्ज कराया था। इस मामले का खुलासा होने के बाद एसपी अभिनंदन ने जांच के लिए एसआईटी का गठन कर आयकर विभाग व प्रवर्तन निदेशालय की टीम को रिपोर्ट भेज दिया है।
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एसपी अभिनंदन ने शुक्रवार को मीडिया के सामने घटना का खुलासा करते हुए बताया कि 31 जनवरी की रात तीन बजे प्रतापगढ़ जनपद के हथिगवां के जहानाबाद इलाके में स्कार्पियों सवार लोगों के साथ करोड़ों की लूटपाट हो जाने की सूचना मिली थी। इस पर प्रतापगढ़ जिले के बार्डर पर पुलिस टीम को चेकिंग के लिए लगाया था।

भोर में कोखराज कोतवाली के धन्नी गांव के समीप लूटी गई स्कार्पियों बरामद हुई। बाद में पता चला कि स्कार्पियों वराणसी के बड़े सराफा कारोबारी ज्वाला सेठ की है। स्कार्पियों को उनका चालक आजमगढ़ निवासी हरिनाथ यादव अपने साथी चालक विनोद रावत के साथ लेकर दिल्ली जा रहा था। घटना के बाद कारोबारी भी कोखराज आए लेकिन उन्होंने गाड़ी से 40 लाख रूपये ही लूटे जाने की रिपोर्ट दर्ज कराया।
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स्कार्पियों में रहे चालक हरिनाथ को तनिक भी चोट नहीं थी, जबकि उसका साथी विनोद लहूलुहान था। इस पर पुलिस ने हरिनाथ के साथ कड़ाई से पूछताछ की तो उसने अपने बड़े भाई हरिओम के साथ मिलकर लूट की योजना बनाने की बात स्वीकार कर ली। हरिनाथ से मिली जानकारी के बाद सीओ मंझनपुर केजी सिंह की अगुवाई में एक टीम हरिओम की गिरफ्तारी के लिए मुंबई जा रही थी, तभी पता चला कि मध्य प्रदेश के शिवली में इनोवा कार सवार तीन बदमाश पकड़े गए हैं।

उन्होंने प्रतापगढ़ में लूट करने की बात स्वीकारा। मध्य प्रदेश पुलिस ने हरिनाथ के भाई हरिओम व उसके साथी मुंबई निवासी सुनील वर्मा व ग्यास बाबू के कब्जे से एक करोड़ 74 लाख नकद, एक लाख 86 हजार के करीब आंशिक जले नोट व कुछ पूर्ण जले नोट बरामद कर लिया। जिले की पुलिस मध्य प्रदेश में पकड़े गए बदमाशों को साथ लाना चाहती थी, लेकिन वहां की पुलिस ने बदमाशों को देने से इंकार कर दिया।

एमपी पुलिस ने बदमाशों को वहीं पर जेल भेजा। इस पर यहां लौटी पुलिस ने शुक्रवार को घटना के मास्टर माइंड हरिनाथ यादव का चालान कर दिया। हरिनाथ की निशानदेही पर स्कार्पियों से 20 लाख नकद बरामद हुआ है। एसपी के मुताबिक अब तक की जांच में पैसा हवाला का होने की जानकारी मिली है। इसकी रिपोर्ट आयकर विभाग को भेजी गई है।

हवाला का था पैसा, लूट लिया

लूटकांड के मास्टर माइंड व सराफा कारोबारी के चालक हरिनाथ यादव को जेल जाने का तनिक भी अफसोस नहीं हैं। हरिनाथ के मुताबिक वह और उसका भाई करीब 25 लाख के कर्जदार हो गए थे। उसने कर्ज चुकाने के लिए कारोबारी से पैसा मांगा था। सेठ ने पैसा देने से मना कर दिया था। उसे मालुम था कि जो रकम वह ले जा रहा है वह हवाला है। इसलिए उसने अपने भाई के साथ मिलकर लूट की योजना बनाई। बड़े भाई ने ही अपने साथ मुंबई के दो साथी सुनील वर्मा व ग्यास बाबू के साथ इनोवा से घटना का अंजाम दिया था।

इनोवा के बोनट में आग लगने से उड़ने लगे थे रूपये

मध्य प्रदेश के सिवनी में लूट में शामिल तीन बदमाश बदकिस्मती से पकड़े गए। पुलिस की पकड़ से बचने के लिए उन्होंने कैश इनोवा के बोनट में छिपा रखा था। शिवली के समीप काफी दिन था और गाड़ी में शार्ट सर्किट से आग लग गई। बदमाशों ने गाड़ी रोककर बोनट खोला तो अंदर रखे नोट उड़ने लगे। इस पर स्थानीय लोगों को शक हुआ और उन्होंने फोन करके बदमाशों को पकड़वा दिया।

बदमाशों ने मध्य प्रदेश पुलिस को भी किया था गुमराह

मध्य प्रदेश के सिवनी में पकड़े गए इनोवा सवार बदमाशों ने वहां की पुलिस को भी गुमराह करने का प्रयास किया। वराणसी के सराफा कारोबारी के चालक हरिनाथ के बड़े भाई हरिओम को अच्छी तरह से मालुम था कि पैसा ज्वाला सेठ का है लेकिन उसने मध्य प्रदेश पुलिस को पैसा दशरथ सेठ का होना बताया। ऐसे में साफ है कि चालक व उसके भाई को मालुम था कि पैसा हवाला का है। कारोबारी लूट की रिपोर्ट नहीं दर्ज कराएगा। इस वजह से उन लोगों ने झूठ बोला। 

आयकर का पड़ा छापा तो बीमार पड़े कारोबारी के पिता

मंझनपुर। पुलिस विभाग के सूत्रों की माने तो कारोबारी के बयान पर शक व स्कार्पियों से 20 लाख बरामद होने के बाद एसपी अभिनंदन ने ईडी व आयकर विभाग को सूचना दे दी थी। इसके बाद दोनों विभागों की टीम ने पूछताछ के लिए कारोबारी के यहां दस्तक थी। इस पर कारोबारी के पिता की तबीयत खराब हो गई। बताया गया कि वह बीएचयू में भर्ती है। कारोबारी अब टीमों से अपने अधिवक्ता के जरिए ही बात करने की बात कह रहे हैं। 

जगहट पर छोड़कर भाग गए थे नोट का बंडल

कोखराज कोतवाली के धन्नी गांव के समीप लूटी गई स्कार्पियों से इनोवा में कैश रखने के दौरान स्थानीय लोग टहलने के लिए निकल चुके थे। स्थानीय लोगों की टोका टाकी के बाद बदमाश जल्दबाजी में नोट का एक बंडल निकालना भूल गए थेे। इसी बरामद बंडल में 20 लाख रूपया था। 

आईजी ने की थी पुलिस के कार्य की सराहना

प्रतापगढ़ में लूट की घटना के बाद उसे कौशांबी के कोखराज थाने में दर्ज कराए जाने के बाबत उठ रहे सवालों से भी एसपी ने पर्दा हटाया। एसपी अभिनंदन ने बताया कि घटना के बाद लूटी गई स्कार्पियो की तत्काल बरामदगी को लेकर आईजी कवींद्र प्रताप सिंह ने जिले की पुलिस को सराहा था। उनके निर्देश पर ही कोखराज कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कर घटना के खुलासे के लिए टीमों का गठन किया गया था। बदमाशों की गिरफ्तारी के लिए इंस्पेक्टर कोखराज प्रदीप कुमार राय, उप निरीक्षक सिद्धार्थ सिंह, कामता प्रसाद, हेड मोहर्रिर प्रदीप कुमार पांडेय, आरक्षी चेतन बाबू, विजय सिंह, आशुतोष रंजन आदि को लगाया गया था। 

एक्सीडेंट फिर लूटपाट का रंग देने का हुआ था प्रयास

सराफा कारोबारी के चालक हरिनाथ यादव ने इतनी बड़ी लूट की योजना बना ली लेकिन उसके साथ रहे साथी चालक विनोद रावत को भनक तक नहीं लगी। रास्ते में हरिनाथ ने कई बार कारोबारी से फोन पर बात की। इसके बाद पहले से तय प्लान के तहत जहानाबाद में दूसरे वाहन से स्कार्पियों में टक्कर मारा गया। विनोद के मुताबिक झटका लगने के बाद उसकी नींद खुली। इसके बाद तीन-चार लोगों ने उस पर जानलेवा हमला कर दिया। हमले में विनोद लहूलुहान हो गया जबकि हरिनाथ का सिर्फ हाथ टेप से बांधने के बाद फेंका गया था।
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