प्रयागराज एक्सप्रेस ट्रेन।
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91 और 92 था प्रयागराज का नंबर, राजेंद्र कुमारी बाजपेयी ने दिखाई थी हरी झंडी
प्रयागराज एक्सप्रेस जब शुरू हुई तब इसमें कुल 17 कोच थे। उस दौरान इसका उदघाटन तत्कालीन मंत्री राजेंद्र कुमारी बाजपेयी ने किया था।बताया जाता है कि उन्हीं के प्रयास से ट्रेन का संचालन शुरू हुआ था। तब ट्रेन में लाल रंग के कोच थे। इसके बाद वर्ष 2003 में प्रयागराज एक्स्प्रेस में नीले वाले आइसीएफ कोच लगे। यह एनसीआर की पहली ट्रेन है जिसे आईएसओ 9001 सर्टिफिकेट मिला। 2016 में प्रयागराज को एलएचबी रेक मिला। यह देश की सबसे लंबी ट्रेन है जिसमें एलएचबी के 24 कोच लगते है। इसकी लंबाई तकरीबन 600 मीटर है।
प्रयागराज एक्सप्रेस पर बन चुकी है डाक्यूमेंट्री
ट्रेन के 35 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर प्रयागराज एक्सप्रेस पर एक डाक्यूमेंट्री ‘ मैं प्रयागराज एक्सप्रेस’भी बनाई जा चुकी है। खास बात यह है कि प्रयागराज एक्सप्रेस एनसीआर की सबसे ज्यादा कमाई करने वाली ट्रेन है। इस वर्ष जनवरी से जून तक ट्रेन प्रयागराज एक्सप्रेस ने दोनों ओर से 42.17 करोड़ रुपये की कमाई की। नई दिल्ली की ओर 21.41 एवं नई दिल्ली से प्रयागराज की ओर 20.76 करोड़ रुपये की कमाई प्रयागराज एक्सप्रेस से हुई।
प्रयागराज फैंस क्लब आज लगाएगा प्रदर्शनी
प्रयागराज एक्सप्रेस के अब तक के सफर को दर्शाने वाली एक प्रदर्शनी भी रविवार को जंक्शन पर लगाई जा रही है। प्रयागराज एक्सप्रेस फैंस क्लब की ओर से लगाई जाने वाली प्रदर्शनी में आई लव प्रयागराज एक्सप्रेस नाम का एक सेल्फी प्वाइंट भी लगाया जाएगा । फैंस क्लब के हर्षित ने बताया कि कुछ लोगों से प्रयागराज एक्सप्रेस के अनुभव को लेकर हुई बातचीत एवं संबंधित लोगों की फोटो भी जंक्शन पर लगाई जाएगी। इस दौरान वहां एलईडी डिस्प्ले पर भी प्रयागराज से जुड़ी जानकारी प्रदर्शित करने की तैयारी रेलवे प्रशासन ने की है। ट्रेन की सजावट करने के साथ ही रवानगी के पूर्व केक भी काटा जाएगा।