इसे आस्था कहें या अंधविश्वास लेकिन शनिवार को महाजनी टोला स्थित हनुमान मंदिर में जब हनुमान जी की आंखों से ‘आंसू टपकने’ की खबर फैली तो देखते ही देखते लोगों का तांता लग गया। खबर फैलते ही मंदिर पर भजन बजने लगे तो हनुमान चालीस और सुंदरकांड के पाठ भी हुए। आने वालों ने फूल-मालाओं के साथ प्रसाद भी चढ़ाया। स्थानीय कारोबारियों की ओर से तकरीबन डेढ़ कुंतल हलुआ और ठंडई का प्रसाद भी बांटा गया। दर्शन, पूजन, आरती, प्रसाद, भोग, भंडारा, याज्ञिक अनुष्ठान आदि का क्रम रात तक चला। किसी ने दोपहर तो किसी ने दावा किया कि शाम को हनुमान जी का आंसू टपकना बंद हुआ।
परंपरा के मुताबिक सुबह पुजारी राजकिशोर मिश्र ‘भोला गुरु’ ने जब अभिषेक, पूजन के बाद हनुमान जी को सिंदूर लगाना शुरू किया तो ऐसा लगा कि कि हनुमान जी की आंखों से आंसू टपक रहे हैं। घनी आबादी के बीच स्थित मंदिर से जैसे ही उन्होंने यह सूचना दी, एक-एक करके लोगों का जुटना शुरू हो गया। वहां पहुंचे पंडित संतोष कुमार मिश्र ‘बब्बूगुरू’, अजय गुप्ता, त्रिलोकी नाथ केसरवानी, ओमप्रकाश सोनी, शिवांत जौहरी, राहुल, युवराज, कमलेश आदि ने भी ऐसा ही दावा किया। पुजारी और स्थानीय लोगों के मुताबिक कल्लू चौरसिया की ओर से शिवरात्रि पर शिव का शृंगार और मंदिर की सजावट कराई जाती रही है, अबकी ऐसा नहीं हो सका सो हनुमान जी रुष्ट हुए और ‘रोने’ लगे।