ड्राइवर की बदहवासी का आलम यह था कि कंटेनर बेलगाम होकर टक्कर मारते बढ़ता गया जिससे सड़क पर चीख-पुकार और खलबली मच गई थी। कंटेनर ने लल्ला चुंगी तिराहे से आगे बढ़कर इंडिका कार को जोरदार टक्कर मारी। क्षतिग्रस्त कार तेजी से किनारे गई और फिर घूमकर कंटेनर के सामने आ गई जिससे उसमें फिर धक्का लगा। गनीमत रही कि कंटेनर ने कार को कुचला नहीं।
कंटेनर के आगे जाने के बाद कार में बैठे लोग बाहर निकले। कार में म्योराबाद के पास नया पूरा निवासी प्रतियोगी छात्र पीयूष कुमार पाल, रिंकू मिश्रा और निहाल सोनकर थे। कार पीयूष चला रहा था। वे तीनों बंधवा हनुमान मंदिर में दर्शन-पूजन के बाद घर लौट रहे थे। कार के पास भीड़ के बीच खड़े पीयूष, रिंकू, निहाल थरथर कांप रहे थे। पीयूष ने कहा कि बजरंग बली ने ही बचा लिया वरना मौत तो सामने थी। एकबारगी आंखों के सामने अंधेरा छा गया था। लगा कि आज तो मरना ही है। कंटेनर ने दो बार धक्का मारा था। अगर कार को कुचलता तो कोई नहीं बच पाता। पीयूष ने बताया कि वह ड्राइवर कर रहा था बगल में रिंकू बैठा था जबकि निहाल पिछली सीट पर थी। टक्कर से कार को काफी नुकसान हुआ पर वे तीनों साफ बच गए।
नशे में होश खोकर शहर में कोहराम मचाने वाले कंटेनर का ड्राइवर केहर सिंह हिमाचल प्रदेश के सोलन जनपद का रहने वाला है। पिटाई से लहूलुहान केहर सिंह ेने कर्नलगंज थाने में बताया कि वह कोलकाता से ऑटो पार्ट्स और ढांचा लादकर हिमाचल प्रदेश लौट रहा था। कैसे नो इंट्री में घुस आए? पुलिसवालों ने रोका नहीं? कौन सा नशा किया है? इन सवालों पर वह चुप रहा। पुलिस का अनुमान है कि उसने शराब पीने की बजाय कोई तेज नशा किया था जिससे होश खो बैठा।