ऐसी बड़ी भर्तियों में हर साल लाखों की संख्या में अभ्यर्थी शामिल होते हैं और इनमें से हजारों अभ्यर्थी ओवरएज भी हो जाते हैं। इन भर्तियों के इंतजार में जो अभ्यर्थी ओवरएज हो चुके हैं, उनके सामने अब कोई विकल्प नहीं रह गया है। अगर इसी तरह प्रमुख भर्ती परीक्षाएं अटकी रहीं तो आने वाले समय में ओवरएज होने वाले अन्य अभ्यर्थियों के लिए भी भविष्य के रास्ते बंद हो जाएंगे।
प्रतियोगी छात्र संघर्ष समिति के मीडिया प्रभारी प्रशांत पांडेय का कहना है कि ऐसा कई वर्षों बाद हो रहा है, जब आधा साल बीतने के बाद भी आयोग ने कोई बड़ी भर्ती शुरू नहीं की। प्रशांत और समिति के अन्य पदाधिकारियों ने आयोग के अध्यक्ष से मांग की है कि भर्तियां शीघ्र शुरू की जाएं। साथ ही मुख्यमंत्री से आग्रह किया है कि देर से शुरू होने वाली भर्तियों में ओवरएज अभ्यर्थियों को भी शामिल होने का मौका दिया जाए।