प्रयागराज। दिन-दिन गिनते हुए इंतजार की घड़ियां खत्म हुईं। मक्का मदीना और काबा शरीफ की जियारत, काबा में तवाफ सहित हज की तमाम रस्में पूरी करने के लिए अकीदतमंदों का हज पर जाने का सिलसिला बृहस्पतिवार से शुरू हुआ। इससे पहले परिजनों, करीबियों ने फूलों की मालाएं पहनाकर उन्हें विदा किया। हज पर जाने वालों से मुल्क की सलामती, अमन-चैन के लिए दुआ करने की गुजारिश की गई।
प्रयागराज से लखनऊ रवाना होने वाले पहले जत्थे में चार महिलाओं सहित तकरीबन पंद्रह लोग रहे। रोशनबाग से रेलवे से रिटायर्ड मसूद हुसैन आब्दी तथा उनकी पत्नी शबीना आब्दी को उनके परिजनों, करीबियों ने हज मुबारक के लिए दुआएं दीं। मुकद्दस सफर पर रवाना होने वालों में दरियाबाद से शिक्षक व दरगाह के संरक्षक सैयद अजादार हुसैन सहित करेली से शायर हसनैन मुस्तफाबादी, आबिद इमाम, रानीमंडी से मिर्जा अंजुम और मौलाना सरफराज हुसैन, उनकी पत्नी व बेटा मेंहदी हुसैन, दायराशाह अजमल से अलमाज जहरा आदि शामिल हैं। उम्मुल बनीन सोसाइटी के सचिव सैयद मोहम्मद अस्करी के मुताबिक लखनऊ में अनेक शहरों से जुटे अकीदतमंद 22 जुलाई को जेद्दा के लिए उड़ान भरेंगे। उन्होंने सभी को मुबारकबाद दी है।