प्रयागराज। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) की ओर से अधिगम के केंद्र बिंदु विषय पर टैगोर पब्लिक स्कूल में कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में सीबीएसई से संबद्घ प्रदेश के 15 जिलों के 80 विद्यालयों के प्रधानाचार्य एवं उनके प्रतिनिधियों ने भागीदारी की। कार्यशाला के दौरान बताया गया कि बोर्ड का उद्देश्य अब विद्यार्थियों के मानसिक विकास के साथ समझ की क्षमता में वृद्घि करना है। बोर्ड की ओर से इसी बात को ध्यान में रखते हुए 2020 की 12वीं की परीक्षा में हिंदी और अर्थशास्त्र विषयों की प्रायोगिक परीक्षा कराने का निर्णय लिया गया है।
मुख्य अतिथि सीबीएसई व्यावसायिक परीक्षा के निदेशक मनोज श्रीवास्तव ने कार्यशाला केउद्देश्य और सीबीएसई की ओर से लागू की गई नीतियों के बारे में विद्यालयों के प्रतिनिधियों को जानकारी दी। उन्होंने स्थानीय स्तर पर विद्यालयों को आपसी समन्वय एवं सहयोग से शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने का सुझाव दिया। उन्होंने बताया कि 2020 की 12 वीं की बोर्ड परीक्षा में हिंदी और अर्थशास्त्र विषय की प्रायोगिक परीक्षा होगी। सीबीएसई ने विषयों के चयन के लिए विकल्प दिए हैं, दसवीं में 72 और बारहवीं में 142 वैकल्पिक विषय हैं। इन विषयों का चुनाव विद्यार्थी अपनी रुचि से कर सकता है। सीबीएसई क्षेत्रीय कार्यालय की उप सचिव, सीओईटी ने कहा कि सामाजिक विकास के साथ-साथ व्यक्तित्व का सर्वांगीण विकास भी आवश्यक है। सीओईटी रायबरेली की प्रमुख स्वाति गुप्ता ने विद्यार्थियों के ज्ञान स्तर को विस्तार देने की बात कही। कार्यशाला का शुभारंभ विद्यालय के प्रबंधक डॉ. आरके टंडन ने किया और स्वागत प्रधानाचार्या कावेरी अधिकारी ने किया।