केस नंबर 1-
लखनऊ निवासी 26 वर्षीय युवक के सिर के बाल करीब 60 फीसदी से ज्यादा झड़ चुके थे। करीब आठ महीने पहले युवक एसआरएन अस्पताल के त्वचा रोग विभाग में दिखाने पहुंचा, जहां पर चिकित्सकों ने पीआरपी विधि से युवक का इलाज शुरू किया। इस दौरान हर महीने युवक के 16 एमएल ब्लड से प्लाज्मा लेकर पीआरपी विधि का इस्तेमाल किया गया, जिसके चलते चौथी सेटिंग में युवक के करीब 50 फीसदी बाल वापस आ गए।
केस नंबर 2-
जौनपुर निवासी 30 वर्षीय महिला के बाल झड़ रहे थे। महिला ने स्थानीय चिकित्सक से अपना इलाज शुरू कराया। करीब दो महीने चले इलाज के बाद महिला के बाल और तेजी से झड़ गए। इसके बाद महिला एसआरएन अस्पताल इलाज कराने पहुंची, जहां पर महिला का बायोप्सी कराया गया, जिसमें स्कारिंग एलोपेसिया नामक बीमारी पाई गई। इसके बाद महिला की आठ महीने तक दवाइयों से इलाज किया गया। अब महिला के बाल 65 फीसदी तक वापस आ गए हैं।
केस नंबर 3-
सोहबतियाबाग निवासी 25 वर्षीय युवक के सिर पर जगह-जगह चकत्ते पड़ गए थे। इसकी वजह से बाल तेजी से झड़ने लगे। करीब छह महीने पहले युवक अपना इलाज कराने एसआरएन अस्पताल पहुंचा, जहां जांच के बाद युवक में एलोपेशिया एरेटा बीमारी की पुष्टि हुई। चार महीने इलाज के बाद युवक की स्थिति में तेजी से सुधार हो रहा है।