1669 में औरंगजेब ने नष्ट कराया था मंदिर
सन 1669 में मुस्लिम शासक औरंगजेब ने इस मंदिर को नष्ट कर दिया। कहा गया है कि उक्त मंदिर को नष्ट करने के बाद मुसलमानों ने अनधिकृत रूप से मंदिर परिसर में अतिक्रमण किया और एक संरचना बनाई जो कि कथित ज्ञानवापी मस्जिद हैं। याचिका में यह भी कहा गया है कि मूल ज्योतिर्लिंग अनधिकृत रूप से बनाई गई इस संरचना के नीचे स्थित है।
हिंदू भक्तों को पुराने मंदिर परिसर के भीतर शिवलिंग के दर्शन की अनुमति नहीं दी जा रही है। यदि कोई व्यक्ति या लोग जबरन और कानून के अधिकार के बिना उस संपत्ति के भीतर या किसी विशेष स्थान पर नमाज पढ़ते हैं, तो उसे मस्जिद नहीं कहा जा सकता है। इसके अलावा याचिका में ज्ञानवापी परिसर के अंदर कुछ सबूतों, दीवारों पर चिह्नों / प्रतीकों और खंभों का हवाला देते हुए तर्क दिया गया है कि ये पुराने हिंदू मंदिर का हिस्सा हैं और वर्तमान संरचना मस्जिद के चबूतरे और आधार पर खड़ी है।