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ज्ञानवापी केस : सुनवाई के बाद CJ बोले.... विश टू ऑल, जजमेंट रिजर्व

Thu, 27 Jul 2023 10:20 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

खंडपीठ उठने से पहले न्यायमूर्ति ने बेंच सचिव को निर्देशित किया कि अंजुमन इंतेजामिया मसाजिद के अधिवक्ता एसएफए नकवी और हिंदू पक्ष के वकील विष्णु शंकर जैन को ज्ञानवापी मामले की सुनवाई के लिए तत्काल कोर्ट में बुला लें।
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इलाहाबाद हाईकोर्ट - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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इलाहाबाद हाईकोर्ट में ज्ञानवापी मामले की सुनवाई साढ़े तीन बजे नियत थी। इसी बीच खंडपीठ का अदालती काम पूरा कर मुख्य न्यायाधीश प्रीतिंकर दिवाकर ने ज्ञानवापी मामले की सुनवाई नियत समय से पहले ही करने का फरमान सुना दिया। एक घंटा पैंतालिस मिनट चली सुनवाई के बाद कोर्ट ने कहा विश टू ऑल, जजमेंट रिजर्व।

खंडपीठ उठने से पहले न्यायमूर्ति ने बेंच सचिव को निर्देशित किया कि अंजुमन इंतेजामिया मसाजिद के अधिवक्ता एसएफए नकवी और हिंदू पक्ष के वकील विष्णु शंकर जैन को ज्ञानवापी मामले की सुनवाई के लिए तत्काल कोर्ट में बुला लें। कोर्ट में मौजूद वकीलों से भी कहा कि उनको जानने वाला कोई हो तो यह सूचना उन तक पहुंचा दें।

सूचना पाते ही वकील एसएफए नकवी, विष्णु शंकर जैन, महाधिवक्ता अजय कुमार मिश्रा, एडिशनल सॉलिसिटर जनरल शाशि प्रकाश सिंह और एएसआई के अतिरिक्त महानिदेशक आलोक त्रिपाठी कोर्ट में हाजिर हो गए। लगभग सवा तीन बजे मुख्य न्यायाधीश की एकल पीठ ने मामले की सुनवाई शुरू कर दी। यह सुनवाई पौने दो घंटे तक चली।

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ज्ञानवापी : वैज्ञानिक सर्वेक्षण पर रोक बरकरार, तीन अगस्त को हाईकोर्ट सुनाएगा फैसला

वाराणसी के ज्ञानवापी परिसर में वैज्ञानिक सर्वेक्षण के खिलाफ अंजुमन इंतेजामिया मसाजिद की याचिका पर हाईकोर्ट में सुनवाई बृहस्पतिवार को पूरी हो गई। इसका फैसला तीन अगस्त को आएगा। तब तक ज्ञानवापी परिसर में वैज्ञानिक सर्वेक्षण पर रोक जारी रहेगी।

सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर इलाहाबाद हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश प्रीतिंकर दिवाकर की एकल पीठ के समक्ष मंगलवार को शुरू हुई ज्ञानवापी परिसर के वैज्ञानिक सर्वेक्षण विवाद पर सुनवाई बृहस्पतिवार की शाम पूरी हुई। बहस के दौरान हिंदू और मुस्लिम पक्ष के दावों के बीच कोर्ट नेे भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) के वैज्ञानिकों को भी तलब किया था।
 

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बुधवार को मुस्लिम पक्ष द्वारा सर्वे से ज्ञानवापी की मूल संरचना को नुकसान हाेने की दलील को एएसआई ने हलफनामा दाखिल कर सिरे से खारिज किया था। मुस्लिम पक्ष के वकील एसएफए नकवी ने बृहस्पतिवार को जवाबी हलफनामा दाखिल कर दावा किया कि सर्वे करने ज्ञानवापी परिसर में दाखिल हुई एएसआई टीम अपने साथ कुदाल, सब्बल और फावड़ा ले कर गई थी।

हालांकि एएसआई के अतिरिक्त महानिदेशक आलोक त्रिपाठी ने फिर कहा कि उनके सर्वे से ज्ञानवापी के मूल ढांचे को खरोंच तक नहीं आएगी। सुनवाई के दौरान एएसआई के अधिकारी ने ज्ञानवापी में अब तक ली गईं तस्वीरों का एलबम भी कोर्ट में दाखिल किया।

हिंदू पक्ष के वकील विष्णु शंकर जैन ने अपनी दलीलों से निचली अदालत द्वारा वैज्ञानिक सर्वेक्षण के फैसले को जायज बताया और सर्वे का काम शीघ्र पूरा कराने की गुहार लगाई। कोर्ट के पूछने पर महाधिवक्ता अजय कुमार मिश्रा ने कहा कि सर्वे के दौरान कानून व्यवस्था संभालने को लेकर प्रदेश सरकार पूरी तरह तैयार है।

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