सर्वे के दौरान कानून व्यवस्था संभालने को तैयार है यूपी सरकार : महाधिवक्ता
ज्ञानवापी मस्जिद के वैज्ञानिक सर्वे के दौरान कानून व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम रहेंगे। यूपी सरकार ने इसके लिए तैयार है। यह जानकारी प्रदेश के महाधिवक्ता अजय कुमार मिश्र ने हाईकोर्ट को दी। उन्होंने कोर्ट का बताया कि इसके पहले भी अदालती आदेश के अनुपालन में हुए वैज्ञानिक सर्वे के दौरान सरकार ने सुरक्षा व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम किए थे।
जरूरत पड़ी तो अतिरिक्त सुरक्षा की व्यवस्था की जाएगी। गौरतलब है कि सर्वे से ज्ञानवापी के मूलभूत ढांचे को नुकसान हाेने की आशंका हाईकोर्ट में सुनवाई के दौरान जताई गई थी। यह भी कहा था कि बाबरी मस्जिद विध्वंस का अनुभव भूलाया नहीं जा सकता। महाधिवक्ता ने यह भी स्पष्ट किया कि इस याचिका में राज्य सरकार पक्षकार नहीं है। फिर भी अदालत ने वैज्ञानिक सर्वे का आदेश दिया गया तो राज्य सरकार कानून व्यवस्था की जिम्मेदारी बखूबी निभाएगी।
हिंदू पक्षकार राखी सिंह के वकील ने दिखाई पुरातन तस्वीरें, कोर्ट ने कहा- निचली अदालत में करें पेश
ज्ञानवापी विवाद की मुख्य वादिनी राखी सिंह के वकील सौरभ तिवारी ने इतिहास पर प्रकाश डाला। दावा किया कि ज्ञानवापी की सचाई वैज्ञानिक सर्वेक्षण से ही सामने आएगी। इसलिए सर्वेक्षण का काम जल्द से जल्द पूरा किया जाना चाहिए। उन्हाेंने अपने दावाें को साबित करने के लिए पुरातन तस्वीराें को भी कोर्ट के सामने पेश किया।
हलांकि कोर्ट ने कहा हम जिला जज द्वारा वैज्ञानिक सर्वेक्षण की अनुमति देने वाले आदेश की वैधानिकता पर विचार कर रहे हैं। यह तस्वीरें निचली अदालत के समक्ष उचित समय बतौर साक्ष्य पेश करें। इस दौरान कोर्ट ने राखी के वकील को हिंदी में पक्ष रखने का मौका दिया।
सुनवाई के बाद सीजे बोले......विश टू ऑल, जजमेंट रिजर्व
इलाहाबाद हाईकोर्ट में ज्ञानवापी मामले की सुनवाई साढ़े तीन बजे नियत थी। इसी बीच खंडपीठ का अदालती काम पूरा कर मुख्य न्यायाधीश प्रीतिंकर दिवाकर ने ज्ञानवापी मामले की सुनवाई नियत समय से पहले ही करने का फरमान सुना दिया। एक घंटा पैंतालिस मिनट चली सुनवाई के बाद कोर्ट ने कहा विश टू ऑल, जजमेंट रिजर्व।
खंडपीठ उठने से पहले न्यायमूर्ति ने बेंच सचिव को निर्देशित किया कि अंजुमन इंतेजामिया मसाजिद के अधिवक्ता एसएफए नकवी और हिंदू पक्ष के वकील विष्णु शंकर जैन को ज्ञानवापी मामले की सुनवाई के लिए तत्काल कोर्ट में बुला लें। कोर्ट में मौजूद वकीलों से भी कहा कि उनको जानने वाला कोई हो तो यह सूचना उन तक पहुंचा दें।
सूचना पाते ही वकील एसएफए नकवी, विष्णु शंकर जैन, महाधिवक्ता अजय कुमार मिश्रा, एडिशनल सॉलिसिटर जनरल शाशि प्रकाश सिंह और एएसआई के अतिरिक्त महानिदेशक आलोक त्रिपाठी कोर्ट में हाजिर हो गए। लगभग सवा तीन बजे मुख्य न्यायाधीश की एकल पीठ ने मामले की सुनवाई शुरू कर दी। यह सुनवाई पौने दो घंटे तक चली।