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गुरु पूर्णिमा: व्रतियों ने संगम में लगाई पुण्य की डुबकी, गुरु पीठों पर हाजिरी आज

Fri, 23 Jul 2021 11:29 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

  • संगम तट पर दीपदान, शिवालयों में जलाभिषेक कर गुरुओं को किया नमन
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विस्तार
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इस बार गुरु पूर्णिमा भी दो दिन की है। प्रीति और आयुष्मान योग मिलने से इस पूर्णिमा का महत्व बढ़ गया है। शुक्रवार को आषाढ़ पूर्णिमा का व्रत रखकर श्रद्धालुओं ने संगम में पुण्य की डुबकी लगाई। इसी के साथ संगम समेत गंगा के तटों पर स्नान के बाद अन्न वस्त्र का दान किया गया। शनिवार को गुरुपीठों पर शिष्यों की हाजिरी लगेगी।
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शुक्रवार को गुरु पूर्णिमा सुबह 10: 45 बजे लग गई। शनिवार की सुबह 8:08 बजे तक पूर्णिमा रहेगी। पूर्णिमा लगने के साथ ही व्रत रखने वालों की संगम पर डुबकी लगने लगी। इस दौरान संगम के अलावा रामघाट, दशाश्वमेध घाट पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने स्नान, दान किया। कहीं दीपदान तो कहीं गंगा पूजन होता रहा। श्रद्धालुओं ने मां गंगा से घर, परिवार से लेकर सकल समाज के मंगल की कामना की।

पुरोहितों की चौकियों पर अनुष्ठान होता रहा। लोग अपनी कामनाओं की पूर्ति के लिए संकल्प लेते रहे। इस बार गुरु पूर्णिमा पर एक साथ तीन योग मिल रहे हैं। विष्कुंभ योग सुबह 06:12 मिनट तक, प्रीति योग 24 जुलाई की सुबह 03:16 बजे तक और इसके बाद आयुष्मान योग लगेगा। ज्योतिष शास्त्र में प्रीति और आयुष्मान योग का एक साथ बनना शुभ माना जाता है। ज्योतिषाचार्य पं ब्रजेंद्र मिश्र बताते हैं कि प्रीति और आयुष्मान योग में किए गए कार्यों में सफलता हासिल होती है। विष्कुंभ योग को ज्योतिष के अनुसार शुभ नहीं माना जाता।
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पूर्णिमा पर व्रतियों ने ब्रह्म मुहूर्त में गंगा स्नान के बाद व्रत का संकल्प लिया। इसके बाद कामनाओं के दीप जलाए गए। इस दौरान मंदिरों में भगवान शिव को रोली, कुमकुम, अक्षत, पुष्प, धूप, दीप, नैवेद्य अर्पित कर व्रतियों ने अपने गुरु का ध्यान किया। शनिवार को गुरुओं के दर्शन और आशीर्वाद के लिए मठों, आश्रमों में शिष्य पहुंचेंगे।  इस दौरान गुरुओं को अन्न, वस्त्र, मिष्ठान, फूल माला और दक्षिणा अर्पित की जाएगी। शहर के मठों, मंदिरों में जगह -जगह भंडारे आयोजित किए गए हैं। पुराणों के अनुसार चारों वेदों के रचइता महर्षि वेद व्यास के अवतरण दिवस को गुरु पूर्णिमा महोत्सव के रूप में मनाया जाता है।

मठों-आश्रमों में गुरु पूजा आज
गुरु पूर्णिमा महोत्सव पर शनिवार को शहर के मठों, मंदिरों में कोविड प्रोटोकॉल के बीच गुरुओं की पूजा होगी। गुरु पूर्णिमा पर प्रमुख मठों में व्यापक इंतजाम किए गए हैं। अल्लापुर स्थित मठ बाघंबरी गद्दी में ध्वजा पूजन के बाद सुबह सात बजे से रुद्राभिषेक आरंभ होगा। गुरु पूजन सुबह 10 से 12 बजे तक होगा। इसके बाद दोपहर एक बजे से भंडारा होगा। इसी तरह त्रिवेणी संगम बांध स्थित देवरहा बाबा आश्रम में गुरु पूर्णिमा महोत्सव 24 जुलाई को मनाया जाएगा। ज्योतिषाचार्य डॉ रामेश्वर प्रपन्नाचार्य शास्त्री की अध्यक्षता में सुबह नौ बजे से अभिषेक, पूजन आरंभ होगा। गुरुपूर्णिमा पर आश्रम में उन्हीं भक्तों को प्रवेश मिलेगा, जो कोविड-19 की आरटीपीसीआर जांच रिपोर्ट लेकर आएंगे। यह जानकारी स्वामी अनंताचार्य ने दी है। इसके अलावा अन्य मठों, मंदिरों में गुरु पूजा का आयोजन किया गया है।
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