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पोर्टल का रखरखाव करने वाली कंपनी से हो वसूली

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GST Portal
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प्रयागराज। जीएसटी में व्यापारियों को पोर्टल के काम न करने से खासी दिक्कत हो रही है। समाधान योजना के तहत आने वाले व्यापारियों को सीएमपी-08 फार्म भरने के लिए भले ही 31 अगस्त 2019 तक का समय मिल गया हो लेकिन ऐसे व्यापारी जिनका वार्षिक टर्न ओवर डेढ़ करोड़ रुपये से कम है वे पोर्टल के धीमे चलने से परेशान है। क्योंकि 31 जुलाई तक उन्हें अपना टर्न ओवर भरना है। पोर्टल न चलने से हताश व्यापारियों ने कहा कि जिस तरह से रिटर्न देरी से जाने पर सरकार उनसे लेट फीस वसूलती है, उसी तरह जीएसटीएन नेटवर्क द्वारा समय पर फार्म अपलोड ना करने पर उसका रखरखाव करने वाली फर्म पर जुर्माना लगाया जाना चाहिए।
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दरअसल जीएसटी से ज्यादा तमाम व्यापारी उसके पोर्टल से परेशान है। रिटर्न भरने की अंतिम तिथि आने के साथ ही पोर्टल काम करना बंद कर देता है। अगर काम करता भी है तो उसकी स्पीड काफी धीमी हो जाती है। ऐसे व्यापारी जिनका वार्षिक टर्न ओवर डेढ़ करोड़ या उससे कम है उन्हें अपनी बिक्री का विवरण जीएसटीआर-वन के माध्यम से अपलोड करना है। लेकिन जीएसटी पोर्टल के धीमे चलने से वे अपना वार्षिक टर्न ओवर नहीं भर पा रहे हैं।इसके पूर्व फरवरी माह में जीएसटी काउंसिल ने यह तय किया था कि जो व्यापारी समाधान योजना में है उन्हें एक अप्रैल 2019 से लागू हो रहे नए वित्तीय वर्ष में सिर्फ एक रिटर्न फाइल करना होगा। लेकिन अब हर तीन माह पर सीएमपी-08 के माध्यम से व्यापारियों को अपना टैक्स भी जमा करने को कहा गया है। 27 जुलाई तक सीएमपी-08 पोर्टल पर अपलोड करने में जीएसटीएन फेल रहा। नतीजा यह रहा कि इसकी अंतिम तिथि दस दिन के भीतर दो बार बढ़ानी पड़ी। 29 जुलाई से यह फार्म पोर्टल पर दिखने लगा है, लेकिन ये काफी धीमा चल रहा है। कैट के प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र गोयल के साथ प्रयाग व्यापार मंडल के जिलाध्यक्ष मो. कादिर, उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल के महामंत्री योगेश गोयल आदि व्यापारियों ने कहा कि रिटर्न में विलंब हो जाने से सरकार लेट फीस वसूलती है। उसी तरह पोर्टल के काम न करने पर जीएसटीएन पोर्टल का रखरखाव करने वाली कंपनी से वसूली की जाए।
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