नए यमुना पुल से पहले बांगड़ धर्मशाला से बैरहना स्थित क्रॉस्थवेट गर्ल्स इंटर कॉलेज तक फ्लाईओवर के प्रस्तावित निर्माण में नया पेच आ फंस गया है। निर्माण के रास्ते पर सेना की जमीन आ रही है और सेना के अफसर इस शर्त पर जमीन देने को तैयार हैं कि प्रशासन इसके बदले सेना को छिवकी में जमीन उपलब्ध कराए। शहर में तीन फ्लाईओवर के प्रस्तावित निर्माण को लेकर शनिवार को कमिश्नरी में आयोजित विभिन्न विभागों की संयुक्त बैठक के दौरान कमिश्नर को इस बारे में बताया गया। फिलहाल कमिश्नर बीके सिंह ने विभिन्न विभागों की संयुक्त टीम बनाकर स्थलीय निरीक्षण के निर्देश दिए हैं।
शहर में ट्रैफिक जाम की समस्या के समाधान के लिए तीन जगह फ्लाईओवर का निर्माण प्रस्तावित है। इलाहाबाद हाईकोर्ट के समीप करियप्पा द्वार से एकलव्य चौराहे तक, पानी की टंकी के पास निर्मित आरोबी के समानांतर एक अन्य आरओबी और नए यमुना पुल से पहले बांगड़ धर्मशाला से बैरहना स्थित क्रॉस्थवेट इंटर कॉलेज तक फ्लाईओवर का निर्माण कराया जाना है। निर्माण के लिए सेना एवं रेलवे से अनापत्ति प्रमाणपत्र की जरूरत है। शनिवार को हुई बैठक में उत्तर प्रदेश राज्य सेतु निगम के मुख्य परियोजना प्रबंधक डीआर विद्यार्थी ने बताया कि बांगड़ धर्मशाला से क्रॉस्थवेट इंटर कॉलेज तक फ्लाईओवर के निर्माण के क्षेत्र में सेना की 14200 वर्ग फीट जमीन आ रही है।
रक्षा संपदा अधिकारी के साथ राजस्व विभाग के अफसर मौके पर निरीक्षण कर चुके हैं। सेना के अधिकारी जमीन के बदले उसी कीमत के बराबर छिवकी में भूमि उपलब्ध कराने के लिए कह रहे हैं। कमिश्नर ने सेना, रेलवे, सेतु निगम, नगर निगम और भूमि अध्याप्ति विभाग के अफसरों की संयुक्त टीम का गठन करते हुए निर्देश दिया है कि तीनों फ्लाईओवर के प्रस्तावित निर्माण स्थल कर निरीक्षण कर साइडप्लान तैयार कर प्रस्तुत शीघ्र किया जाए ताकि निर्माण की कार्यवाही को आगे बढ़ाया जा सके। बैठक में एडीए उपाध्यक्ष अजय सिंह, अपर आयुक्त कनक त्रिपाठी सहित तमाम अफसर मौजूद रहे।