डीएम मनीष कुमार वर्मा शनिवार को संपूर्ण समाधान दिवस में बारा तहसील पहुंचे। डीएम के आने की सूचना पर फरियादियों की भीड़ उमड़ पड़ी। कोई जमीन से जुड़ी तो कोई पानी की समस्या लेकर पहुंचा। इस दौरान 539 फरियादी पहुंचे लेकिन 14 की शिकायतें निस्तारित हो सकीं। अन्य शिकायतें समाधान की तलाश करती रहीं।
समाधान दिवस के दौरान डीएम ने सरकारी भूमि से अवैध कब्जा हटाने के सख्त निर्देश दिए। उन्होंने सरकारी तालाब से अतिक्रमण हटाने का भी निर्देश दिया। भारतीय किसान यूनियन (अराजनीतिक) ने दीपक तिवारी और अंकुश शुक्ला के नेतृत्व में क्षेत्र को सूखाग्रस्त घोषित करने की मांग की।
भाजपा कार्यकर्ताओं ने सुबोध सिंह के नेतृत्व में पीपीजीसीएल बारा से संबंधित ज्ञापन सौंपा। नहरों में पानी न छोड़ने और प्रभावित गांवों के लिए मुफ्त इलाज व शिक्षा की व्यवस्था की भी मांग की गई।
गोबरा तरहार निवासी नागेंद्र बहादुर सिंह ने पहाड़ की भूमि पर कब्जे की शिकायत की। जगदीशपुर के रजोल ने सरकारी नलकूप से निजी कार्य करने का आरोप लगाया।
बरेठिया की रामावती ने भूमिधरी जमीन पर कब्जे की शिकायत की। टिकरी कला के राम कुमार ने खतौनी में अंश निर्धारण न होने की शिकायत दर्ज कराई।
अधिवक्ताओं ने सहायक पुलिस आयुक्त कार्यालय को तहसील परिसर में स्थापित करने की मांग की। डीएम ने अधिवक्ताओं को आश्वासन दिया है।