घटना छापर हरदौन गांव में 19 जुलाई की रात हुई थी। यहां झाड़फूंक करने वाले भागीरथी की हत्या कर दी गई थी। एसओजी यमुनापार टीम ने प्रभारी रणजीत सिंह के नेतृत्व में रविवार को दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
कोरांव में 65 वर्षीय भागीरथी पाल की हत्या में सनसनीखेज खुलासा हुआ है। पुलिस का दावा है कि रिश्ते में नाती लगने वाले बालकृष्ण पाल उर्फ लाला ने जेवरात से भरा कलश चुराने की लालच में उसकी ही हत्या कर दी थी। उसे एक सहयोगी समेत पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।
विज्ञापन
घटना छापर हरदौन गांव में 19 जुलाई की रात हुई थी। यहां झाड़फूंक करने वाले भागीरथी की हत्या कर दी गई थी। एसओजी यमुनापार टीम ने प्रभारी रणजीत सिंह के नेतृत्व में रविवार को दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। इनमें से एक बालकृष्ण पाल निवासी गड़िया, मुरलीपुर और नंद गोपाल सोनी निवासी लखापुर पैतिहा शामिल हैं। पुलिस के मुताबिक, पूछताछ में बालकृष्ण ने बताया कि मृतक रिश्ते में उसका नाना लगता था। घर आने जाने के कारण उसे मालूम था कि वह मंगलवार को झाड़फूंक करता है और इससे अच्छी खासी रकम आती है।
क्षेत्र में इस बात की भी चर्चा थी कि मृतक के घर में एक कलश है, जो जेवरात से भरा है और उसे जमीन में दबाकर रखा है। इसी के लालच में वह अपने साथी संग घटना वाली रात भागीरथी के घर चोरी करने पहुंचा था। इसी दौरान नींद खुल जाने पर हल के फल व डंडे से पीट-पीटकर उसकी हत्या कर दी थी।
विज्ञापन
28 हजार नकदी व जेवर भी लूट लिए थे। एसपी यमुनापार सौरभ दीक्षित ने बताया कि आरोपियों की निशानदेही पर 13500 रुपये, सफेद धातु के सिक्के, गहने व बाइक बरामद की गई है। बालकृष्ण सब्जी विक्रेता है जबकि नंदगोपाल टेंट व्यवसायी है।