इलाहाबाद हाईकोर्ट की स्थापना के डेढ़ सौ वर्ष पूरे होने पर होने वाले भव्य और रंगारंग कार्यक्रमों के आयोजन की तैयारियां अंतिम चरणों में हैं। 13 मार्च को आयोजित होने वाले मुख्य कार्यक्रम का उद्घाटन राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी करेंगे। भारत के मुख्य न्यायाधीश टीएस ठाकुर समारोह के विशिष्ट अतिथि होंगे। लगभग 500 सम्मानित अतिथि देश भर से कार्यक्रम में शिरकत करेंगे। इनमें सर्वोच्च न्यायालय के कई न्यायाधीश और देश के दूसरे उच्च न्यायालयों के मुख्य न्यायाधीशों के अलावा अवकाश प्राप्त न्यायाधीशगण भी होंगे।
आयोजन समिति के अध्यक्ष न्यायमूर्ति तरुण अग्रवाल ने मंगलवार को पत्रकारों को कार्यक्रम की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि हाईकोर्ट की स्थापना 17 मार्च 1966 को हुई थी। इलाहाबाद हाईकोर्ट के भवन की स्थापना के भी सौ वर्ष पूरे हो गए हैं। इन दोनों अवसरों को खास बनाने के लिए भव्य समारोह का आयोजन किया जा रहा है। मुख्य कार्यक्रम 13 मार्च को सवा 12 बजे दिन में प्रारंभ होकर डेढ़ बजे तक चलेगा। इसका उद्घाटन राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी करेंगे। राष्ट्रपति इस मौके पर इलाहाबाद हाईकोर्ट और लखनऊ खंडपीठ पर दो डाक टिकट जारी करेंगे। दस रुपये का सिक्का जिस पर हाईकोर्ट की तस्वीर बनी होगी भी राष्ट्रपति द्वारा जारी किया जाएगा।
सेंटनरी बुक का भी विमोचन उनके द्वारा ही किया जाएगा। भारत के मुख्य न्यायाधीश टीएस ठाकुर इस मौके पर आयोजित एक सेमिनार को संबोधित करेंगे, जिसमें न्यायजगत की तमाम जानी-मानी हस्तियां शामिल होंगी। वह मार्बल हाल में महात्मा गांधी की प्रतिमा का अनावरण करने के साथ ही नवीनीकृत हाईकोर्ट संग्रहालय का उद्घाटन करेेंगे।
जस्टिस अग्रवाल ने बताया कि 13 मार्च की शाम को सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। 14 मार्च को हाईकोर्ट कर्मचारियों द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम किया जाएगा। 15 मार्च को विधि विशेषज्ञों द्वारा व्याख्यान दिया जाएगा और 16 मार्च को अधिवक्ताओं का सांस्कृतिक कार्यक्रम होगा।
17 मार्च को हाईकोर्ट मेें रक्तदान शिविर आयोजित होगा। 17 से 21 मार्च तक निशुल्क चिकित्सा शिविर का आयोजन होगा। शताब्दी समारोह पूरे वर्ष चलेगा। इस दौरान संगोष्ठी, व्याख्यान, खेल प्रतियोगिताओं का आयोजन होगा। नवंबर या दिसंबर माह में एक समापन समारोह का भी आयोजन किया जाएगा। लखनऊ खंडपीठ में भी एक समारोह आयोजित किया जाएगा।