हाईकोर्ट ने कुं भ मेले के दौरान शास्त्री पुल झूंसी से अंदावा तक कराए गए विद्युतीकरण कार्य में हुए घोटाले की निष्पक्ष जांच कराने के लिए दाखिल याचिका पर राज्य सरकार से जवाब मांगा है।
कोर्ट ने प्रयागराज विकास प्राधिकरण और ठेका लेने वाली एजेंसी गाजियाबाद की मेसर्स अनू वेंचर्स को भी नोटिस जारी कर अपना पक्ष रखने के लिए कहा है। याचिका में मांग की गई है कि घोटाले की जांच विजलेंस या अन्य की किसी स्वतंत्र जांच एजेंसी से कराई जाए।
अधिवक्ता अरुण मिश्र की याचिका पर न्यायमूर्ति राम सूरत राम मौर्या और न्यायमूर्ति पीयूष अग्रवाल की पीठ ने सुनवाई की। याचिका में आरोप है कि प्रयागराज विकास प्राधिकरण के अधिशासी अभियंता अवनींद्र कुमार सिंह से मिलीभगत कर कंपनी ने फर्जी प्रमाणपत्र पर ठेका लिया और काम किए बिना 80 प्रतिशत भुगतान करा लिया।
याचिका पर अधिवक्ता बीसी कौशिक ने पक्ष रखा। उनका कहना था कि कंपनी को कार्य का अनुभव नहीं है। उसने नगर पालिका परिषद अयोध्या से काम करने का फर्जी प्रमाणपत्र दिखाकर ठेका ले लिया और काम पूरा किए बिना ही भुगतान करा लिया। इसका खुलासा होने पर अधिकारियों ने खुद को बचाने के लिए अनू वेंचर्स के खिलाफ सिविल लाइंस थाने में 22 फरवरी 2019 को प्राथमिकी दर्ज करा दी।
मगर इस पर अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। याची का कहना है कि उसने शासन को भी घोटाले की जांच के लिए 16 मार्च को पत्र लिखा था, मगर उस पर भी कुछ नहीं किया गया। याचिका पर 10 जुलाई को अगली सुनवाई होगी।