इटौंजा स्थित स्कूल में बच्चों को नहीं मिले स्वेटर।
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प्रदेश के प्राथमिक विद्यालयों की गुणवत्ता में सुधार लाने और अनिवार्य शिक्षा का कानून पूरी तरह से लागू करने पर हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से कार्ययोजना प्रस्तुत करने के लिए कहा है। कोर्ट ने कहा है कि अनिवार्य शिक्षा कानून को पूरी तरह से लागू करने के लिए सरकार सर्कुलर जारी कर 13 जनवरी को अनुपालन रिपोर्ट के साथ हलफ़नामा दाखिल करे। कोर्ट ने प्रदेश सरकार की ओर से इस मामले में दिए गए जवाब को संतोषजनक नहीं माना है।
यह आदेश न्यायमूर्ति एसपी केशरवानी ने संतोष कुमार राय की याचिका पर दिया है। याचिका पर राज्य सरकार की ओर से अपर महाधिवक्ता अजीत कुमार सिंह व बेसिक शिक्षा परिषद प्रयागराज के अधिवक्ता बी पी सिंह ने बेहतर हलफनामा दाखिल करने के लिए कोर्ट से समय मांगा।
उप सचिव बेसिक शिक्षा परिषद प्रयागराज की ओर दाखिल हलफनामे में केवल कानूनी उपबंधों की जानकारी दी गई थी। इस बारे में कुछ नहीं बताया गया कि इसे वास्तव में लागू कैसे किया जाएगा। सरकार की योजनाएं क्या-क्या हैं और कितना काम करना बाकी है। कानून वास्तविक धरातल पर कैसे लागू किया जाएगा इसका जिक्र उनके हलफनामे में नहीं था। कोर्ट ने मांगी गई जानकारी न देने पर नाराजगी जताई है। अपर महाधिवक्ता ने कोर्ट को आश्वासन दिया है कि वह हलफनामे में कानूनी उपबंधों को लागू करने की समयबद्ध कार्य योजना दाखिल करेगें। सभी बेसिक स्कूलों की नियमित निगरानी होगी। छात्रों की संख्या बढाने के लिए कदम उठाए जाएंगे। शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार लाया जाएगा। याचिका पर अगली सुनवाई 13जनवरी को होगी।