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Prayagraj : छुट्टा पशुओं और लावारिस कुत्तों के खतरे वाले स्थानों की दो सप्ताह में सूची दे सरकार

Wed, 05 Aug 2026 12:59 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने उत्तर प्रदेश में छुट्टा पशुओं और लावारिस कुत्तों से जुड़ी समस्याओं को गंभीरता से लिया है। कोर्ट ने प्रदेश सरकार को व्यापक कार्ययोजना तैयार करने का आदेश दिया है।
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इलाहाबाद हाईकोर्ट। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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इलाहाबाद हाईकोर्ट ने उत्तर प्रदेश में छुट्टा पशुओं और लावारिस कुत्तों से जुड़ी समस्याओं को गंभीरता से लिया है। कोर्ट ने प्रदेश सरकार को व्यापक कार्ययोजना तैयार करने का आदेश दिया है। साथ ही कहा है कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के प्रभावी अनुपालन के लिए सरकार सभी संस्थागत क्षेत्रों की पहचान कर दो सप्ताह में जिला व स्थानीय निकायवार सूची तैयार करे।

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यह आदेश न्यायमूर्ति अजित कुमार और न्यायमूर्ति गरिमा प्रसाद की खंडपीठ ने सुप्रीम कोर्ट के स्वत: संज्ञान याचिका में दिए गए निर्देशों के अनुपालन में दिया है। स्पष्ट किया कि इस सूची में सरकारी और निजी शिक्षण संस्थान, अस्पताल, मेडिकल कॉलेज, बस अड्डे, रेलवे स्टेशन, खेल परिसर सहित ऐसे सभी सार्वजनिक स्थान शामिल किए जाएं, जहां लोगों की आवाजाही अधिक रहती है। संस्थागत क्षेत्रों की पहचान केवल नाम के आधार पर नहीं, बल्कि उनके उपयोग और सार्वजनिक महत्व के आधार पर की जाए।
कोर्ट ने प्रदेश, केंद्र सरकार और एनएचएआई को शपथपत्र दाखिल करने को कहा है

कोर्ट ने केंद्र सरकार को भी उत्तर प्रदेश में उसके प्रशासनिक नियंत्रण वाले संस्थानों की जिलेवार सूची प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है। वहीं, राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) और प्रदेश सरकार से हाईवे पर लावारिस पशुओं की पहचान, उन्हें सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने, उनके भोजन, पानी-उपचार की व्यवस्था संबंधी कार्ययोजना भी मांगी है। इसके अलावा कोर्ट ने प्रदेश सरकार से सार्वजनिक पार्कों, उद्यान, खेल मैदानों में लावारिस कुत्तों के प्रबंधन के लिए कानूनी और नीतिगत उपायों पर विचार करने को भी कहा है। कोर्ट ने प्रदेश सरकार, केंद्र सरकार और एनएचएआई को उठाए गए कदमों का शपथपत्र दाखिल करने का निर्देश देते हुए मामले की अगली सुनवाई 13 अगस्त निर्धारित की है।

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