सपा सरकार के कार्यकाल में राजकीय कर्मचारियों को सातवें वेतन आयोग का लाभ देने की घोषणा तो कर दी गई लेकिन कर्मचारियों और पेंशनरों को बढ़े वेतन एवं पेंशन का एरियर नहीं मिला। एरियर दो किस्तों में वर्ष 2017 और 2018 में दिया जाएगा। कर्मचारियों को उम्मीद है कि प्रदेश में सत्ता परिवर्तन के बाद नई सरकार इस मुद्दे पर कुछ करेगी और कर्मचारियों एवं पेंशनरों को राहत प्रदान करेगी।
हालांकि कर्मचारियों को सातवें वेतन आयोग के तहत वेतन और पेंशनरों को पुनरीक्षित पेंशन का भुगतान शुरू हो गया है लेकिन नई व्यवस्था लागू होने के बाद बढ़े हुए वेतन एवं पेंशन के एरियर का भुगतान नहीं हुआ है, जबकि केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनरों को सातवां वेतन आयोग लागू होते ही एरियर का भुगतान कर दिया गया था। पूर्व की प्रदेश सरकार ने एरियर भुगतान की जो व्यवस्था लागू की है, उससे कर्मचारी और पेंशनर्स दोनों संतुष्ट नहीं हैं। व्यवस्था के तहत राजकीय कर्मियों को दो किस्तों में बढ़े हुए वेतन एवं पेंशन के एरियर का भुगतान किया जाएगा।
पहली किस्त अक्तूबर 2017 और दूसरे किस्त अक्तूबर 2018 में दी जाएगी।
कर्मचारियों की पहली एवं दूसरी किस्त के तहत मिलने वाले एरियर की 80-80 फीसदी रकम सीधे उनके जीपीएफ खाते में जमा कराई जाएगी और बाकी की 20-20 फीसदी रकम का भुगतान इनकम टैक्स की कटौती के साथ किया जाएगा। वहीं, पेंशनरों को दो किस्तों में सीधे नगद भुगतान किया जाएगा। कर्मचारी शिक्षक समन्वय समिति के संयोजक हनुमान प्रसाद श्रीवास्तव का कहना है कि अपने ही पैसों के लिए कर्मचारियों और पेंशनरों को दो साल तक इंतजार करना पड़े यह ठीक नहीं है। उम्मीद है कि नई सरकार इस मसले पर कुछ करेगी।