गैंगस्टर मामले में गाजीपुर के सांसद अफजाल अंसारी को मिली चार साल की सजा को बढ़ाने की वकालत करते हुए राज्य सरकार ने कहा कि कृष्णानंद राय हत्याकांड के बाद इलाके में मुख्तार गैंग का आतंक व्याप्त था।
अफजाल इस गैंग के सक्रिय सदस्य हैं। जबकि, उनके वकीलों ने तत्कालीन थाना प्रभारी के बयानों के हवाले से कहा कि अफजाल के खिलाफ गैंगस्टर की कार्रवाई सुनी सुनाई बातों के आधार पर की गई है।
मामले की सुनवाई इलाहाबाद हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति संजय कुमार सिंह की अदालत में चल रही है। अफजाल को मिली सजा को रद्द करने की अपील पर सुनवाई पूरी होने के बाद सजा बढ़ाने के लिए सरकार और कृष्णानंद राय के बेटे की ओर से दाखिल अपील पर सोमवार को करीब दो घंटे बहस चली।
इस दौरान सरकार की ओर से अपर महाधिवक्ता पीसी श्रीवास्तव ने सजा बढ़ाने की गुहार लगाई। कहा कि अफजाल अंसारी के खिलाफ की गई गैंगस्टर की कार्रवाई सही थी। लेकिन, मिली सजा कम है।
प्रतिवाद करते हुए वरिष्ठ अधिवक्ता गोपाल स्वरूप चतुर्वेदी और उपेंद्र उपाध्याय ने तत्कालीन थाना प्रभारी के कोर्ट में दिए गए बयानों को दोहराने के साथ सरकार की अपील पर विस्तृत आपत्ति दाखिल करने की मोहलत मांगी है।
मामले की सुनवाई एक जून के बाद होने पर लड़ सकेंगे चुनाव
सोमवार को सजा बढ़ाने की अपील पर सुनवाई शुरू होने से गाजीपुर से लोकसभा चुनाव लड़ रहे अफजाल अंसारी के लिए चुनाव के दौरान विपरीत फैसला आने खतरा टल गया है। अगर मामले की सुनवाई एक जून के बाद होती है तो वह बिना किसी कानूनी अवरोध के चुनाव लड़ सकेंगे। सोमवार को सुनवाई होने के बाद फिलहाल, कोर्ट ने अगली तारीख नहीं तय की है।
एक जून से हाईकोर्ट में गर्मी की छुट्टियां हो जाएंगी। इस दौरान अदालत चाहेगी तभी मामले की सुनवाई जून में हो सकेगी। गौरतलब है कि अफजाल अंसारी ने गाजीपुर की एमपी एमएलए कोर्ट से गैंगस्टर मामले में मिली चार साल कैद की सजा पर रोक लगाने और अभियोजन पक्ष की ओर से सजा बढ़ाने के लिए दाखिल अपीलों पर हाईकोर्ट में एक साथ सुनवाई चल रही है।