प्रारंभिक परीक्षा में निगेटिव मार्किंग भी होगी। अंतिम चयन मुख्य परीक्षा (लिखित परीक्षा) में प्राप्त अंकों के कुल योग के आधार पर होगा। अभ्यर्थियों को परीक्षा केंद्र की तिथि और केंद्र की सूचना ई-प्रवेश पत्र के माध्यम से दी जाएगी। अनिवार्य अर्हता के रूप में भारत में विधि द्वारा स्थापित किसी विश्वविद्यालय से शिक्षाशास्त्र में स्नातक उपाधि या सरकार द्वारा उसके समकक्ष मान्प्यता प्राप्त कोई अर्हता और अगर स्नातक उपाधि शिक्षाशास्त्र में न हो तो राजकीय प्रशिक्षण विद्यालय या अराजकीय बेसिक प्रशिक्षण विद्यालय से रजिस्ट्रार विभागीय परीक्षाएं उत्तर प्रदेश द्वारा प्रदत्त एलटी डिप्लोमा होना चाहिए। अतिरिक्त अर्हता पर अधिमान दिए जाने का भी प्रावधान होगा।
उन अभ्यर्थियों को अधिमान दिया जाएगा जिनके पास राजकीय बेसिक प्रशिक्षण प्रशिक्षण विद्यालय से बेसिक शिक्षा में एलटी डिप्लोमा हो या जिनके पास किसी विश्वविद्यालय या बोर्ड अथवा अन्य किसी राज्य सरकार में शिक्षा विभाग में बेसिक शिक्षा में प्रशिक्षण के किसी विशेष पाठ्यक्रम का प्रमाणपत्र, उपाधि या डिप्लोमा हो। इसके अलावा प्रादेशिक सेना में दो वर्ष की न्यूनतम अवधि की सेवा या एनसीसी का ‘बी’ प्रमाणपत्र होने पर भी अधिमान दिया जाएगा।
यूपीपीएससी ने प्रारंभिक और मुख्य परीखा का पाठ्यक्रम भी जारी कर दिया है। प्रारंभिक परीक्षा दो घंटे की होगी। इसमें सामान्य अध्ययन के वस्तुनिष्ठ प्रकार के सवाल पूछे जाएंगे। कुल 120 सवाल होंगे और पूरा पेपर 300 अंकों का होगा। वहीं, मुख्य परीक्षा में दो अनिवार्य प्रश्नपत्र सामान्य अध्ययन और सामान्य हिंदी व निबंध होंगे।
दोनों पेपर तीन-तीन घंटे के होंगे और उनके लिए दो-दो सौ अंक निर्धारित होंगे। यानी मुख्य परीक्षा कुल 400 अंकों की होगी। सामान्य अध्ययन और निबंध की मुख्य परीक्षा में पहला खंड सामान्य अध्ययन और दूसरा खंड हिंदी निबंध को होगा। दोनों के लिए सौ-सौ अंक निर्धारित होंगे।