न्यायालय का भी खटखटाना पड़ा दरवाजा
कई अभ्यर्थियों के पास इंटर में संस्कृत विषय नहीं था, सो उन्होंने वर्ष 2018 में एकल विषय संस्कृत से इंटर किया, जिसका रिजल्ट आवेदन की अंतिम तिथि के बाद 29 अप्रैल 2018 को जारी किया गया था, जबकि विज्ञापन की शर्त थी कि आवेदन की अंतिम तिथि तक अर्हता पूरी होनी चाहिए। आयोग ने बाद में चार से 14 जून तक आवेदन के लिए अतिरिक्त समय दिया।
इस दौरान बड़ी संख्या में उन अभ्यर्थियों ने भी आवेदन किए, जिन्होंने 29 अप्रैल 2018 को एकल विषय संस्कृत से इंटर की परीक्षा उत्तीर्ण कर ली थी। ऐसे 135 अभ्यर्थियों का एलटी ग्रेड शिक्षक भर्ती में चयन हो गया। लेकिन उनको नियुक्ति नहीं दी गई। अभ्यर्थी दावा कर रहे थे कि उन्होंने आवेदन की अंतिम तिथि 14 जून से पहले अर्हता पूरी की, जबकि आयोग आवेदन की अंतिम तिथि 16 अप्रैल मान रहा था।
अभ्यर्थियों ने न्यायालय में याचिका दाखिल की थी। कोर्ट ने उन्हें राहत प्रदान करते हुए तीन सप्ताह में नियुक्ति देने का आदेश दिया है। चयनित अभ्यर्थी संतोष कुमार, सुनील कुमार शुक्ला, रेखा यादव, शीतला प्रसाद, पंकज आदि ने आयोग को आदेश की प्रति रजिस्टर्ड डाक से भेजकर मांग की है कि उनकी फाइलें माध्यमिक शिक्षा निदेशालय को जल्द भेजी जाएं, ताकि तीन सप्ताह में उनकी नियुक्ति की प्रक्रिया पूरी हो सके।