महायोजना के मुख्य बिंदु
- महायोजना-2021 में आवासीय उपयोग हेतु 36 प्रतिशत एरिया प्रस्तावित था, जो महायोजना-2031 में 45 प्रतिशत हो जाएगा।
- पूर्व महायोजना 2021 में 2.41 प्रतिशत क्षेत्रफल व्यावसायिक उपयोग हेतु प्रस्तावित था, जो नए प्रयागराज महायोजना 2031 में 4.5 प्रतिशत में होगा।
- 2021 में सार्वजनिक एवं अर्द्ध सार्वजनिक सुविधाएं हेतु 3.82 प्रतिशत प्रस्तावित एरिया अब बढ़कर 2031 में 6.43 प्रतिशत हो जाएगा।
- 2021 में एक बड़े भू-भाग पर सब्जी पट्टी एरिया प्रस्तावित थी, इस क्षेत्र में आवासीय भू-उपयोग न होने के कारण मानचित्र स्वीकृत नहीं हो पा रहा था। महायोजना-2031 को मंजूरी मिलने के बाद अब सब्जी पट्टी भू-उपयोग को समाप्त करते हुए आवासीय भू उपयोग प्रस्तावित किया गया है। जिसके कारण आवासीय मानचित्र आसानी से स्वीकृत होंगे।
रोजगार के पैदा होंगे अवसर, बरात घर, गेस्ट हाउस, रेस्टोरेंट खुलेंगे
महायोजना-2031 की मंजूरी मिलने के बाद शहर के बुनियादी ढांचे का विकास होगा और हजारों लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार के अवसर भी मुहैया होंगे। शहरीकरण का न केवल विस्तार होगा, बल्कि रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे। रिंग रोड एवं बाईपास रोड पर 500-500 मीटर की गहराई तक दोनों तरफ हाईवे फैसिलिटी नामक नया भू-उपयोग महायोजना 2031 में प्रस्तावित है। इसके अंतर्गत बरात घर गेस्ट हाउस, ढाबा, रेस्टोरेंट, जलपान गृह, रिसाॅर्ट, पेट्रोल पंप जैसे क्रियाकलाप अनुमन्य है। इसके लिए मानचित्र रिंग रोड एवं बाईपास रोड पर स्वीकृत किए जाएंगे। इससे प्राधिकरण को अधिक राजस्व की प्राप्ति होगी।
शहरीकरण का और होगा विस्तार
शहर के कई प्रमुख मार्गों पर बाजार, स्ट्रीट भू-उपयोग प्रस्तावित किया गया है, जिसके कारण उक्त मार्ग के किनारे भूतल प्रथम तल के व्यवसायिक मानचित्र स्वीकृत होंगे। साथ ही पूर्व में बिना स्वीकृत हुए निर्माणों को शमन किया जा सकेगा। इससे राजस्व में वृद्धि होगी।
प्रयागराज महायोजना-2031 को शासन से मंजूरी मिल गई है। इसमें कुल 639 ग्राम पंचायतें शामिल हैं। महायोजना में विकास क्षेत्र समान ही हैं। केवल महायोजना क्षेत्र का दायरा बढ़ा है। आगामी 10 वर्ष में शहरीकरण का और विस्तार किया जाना है। महायोजना-2031 को मंजूरी मिलने के बाद शहर की सीमा क्षेत्र का विस्तार होगा और बुनियादी ढांचे का विकास होगा। - डा. अमित पाल शर्मा, उपाध्यक्ष प्रयागराज विकास प्राधिकरण