2000 सफाईकर्मी ही हो सके तैनात
महाकुंभ के दौरान शहर की सफाई के लिए तीन हजार कर्मचारियों की नियुक्ति का निर्णय लिया गया था, लेकिन कंपनी कर्मचारी उपलब्ध नहीं करा पाई। निगम की ओर से अतिरिक्त सफाई कर्मियों की नियुक्ति के लिए तीन अन्य कंपनियों से समझौता किया गया। इसके बावजूद औसतन दो हजार कर्मचारियों के भरोसे ही शहर की सफाई व्यवस्था रही।
वेतन के लिए सफाई कर्मियों का धरना-प्रदर्शन
महाकुंभ के दौरान शहर में सफाई व्यवस्था बनाए रखने के लिए नियुक्त अतिरिक्त सफाई कर्मियों ने मंगलवार को वेतन के लिए नगर निगम परिसर में प्रदर्शन किया। सफाई कर्मियों के प्रतिनिधिमंडल ने महापौर और नगर आयुक्त से मुलाकात की। संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर सफाई कर्मी धरने पर बैठ गए। यह धरना देर शाम तक चला। सफाई कर्मचारियों का कहना है कि पैसा नहीं मिलने से परिवार चलाने का संकट है। उन्होंने काम के एवज में कम ड्यूटी दिखाने का भी आरोप लगाया। इस बाबत नगर आयुक्त चंद्रमोहन गर्ग का कहना है कि सफाई कर्मियों और उन्हें काम पर रखने वाली एजेंसी के प्रतिनिधि से बात हुई है। जल्द ही भुगतान कराया जाएगा।