चंद्रशेखर आजाद पार्क में सुबह टहलने वालों के लिए मुफ्त प्रवेश की लड़ाई एक कदम और आगे बढ़ गई है। शासन ने इस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। इसके रखरखाव का जिम्मा उठाने के लिए सरकार तैयार है। अब हाईकोर्ट में मंजूरी के लिए यह प्रस्ताव रखा जाएगा। न्यायालय के आदेश के बाद सुबह पांच से नौ बजे के बीच पार्क में प्रवेश पर टिकट नहीं लगेगा।
चंद्रशेखर आजाद पार्क के रखरखाव के लिए प्रवेश पर पांच रुपये के टिकट का प्रावधान किया गया है लेकिन, शहरी इसके विरोध में हैं। सुबह टहलने वालों तथा अन्य संगठनों की मांग पर उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने पिछले साल जून मेें ही पार्क में मुफ्त प्रवेश की घोषणा की थी। उनके बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आजाद पार्क के साथ भारद्वाज आश्रम पार्क में भी मुफ्त प्रवेश की व्यवस्था करने की घोषणा की थी। घोषणा के एक वर्ष बाद इस पर अमल की प्रक्रिया आगे बढ़ी है। जिला प्रशासन की ओर से सुबह पांच से नौ बजे के बीच मुफ्त प्रवेश का प्रस्ताव भेजा गया था। प्रमुख सचिव उद्यान ने इस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। उद्यान अधीक्षक सीमा राणा ने बताया कि प्रमुख सचिव ने रखरखाव के लिए हर वर्ष 50 लाख रुपये के बजट को मंजूरी दे दी है। पूरे प्रस्ताव को हाईकोर्ट में रखा जाएगा।
पांच रुपये टिकट से उद्यान विभाग को पिछले वर्ष 1.30 करोड़ रुपये की आमदनी हुई थी। इस राशि से सिर्फ पार्क का मरम्मत कार्य होना है। पौधरोपण तथा अन्य योजनाओं के लिए शासन अलग से बजट देता है। अफसरों का कहना है कि पार्क के मेंटेनेंस के लिए 1.30 करोड़ रुपये पर्याप्त हैं लेकिन मुख्यमंत्री की घोषणा के बाद मुफ्त प्रवेश का प्रस्ताव तैयार किया गया। जिला प्रशासन की ओर से दो-दो घंटे के स्लैब बनाकर पार्क में आने वाले और उससे होने वाली आमदनी का विवरण तैयार किया गया। उसी आधार पर मुफ्त प्रवेश का निर्णय लेने के लिए शासन के सामने प्रस्ताव रखा गया। टिकट से सुबह पांच से नौ बजे के बीच करीब 50 लाख रुपये की आमदनी हुई। ऐसे में इस अवधि में प्रवेश मुफ्त किए जाने के बाद राजस्व की हुई भरपाई के लिए शासन ने 50 लाख रुपये के अतिरिक्त बजट को भी मंजूरी दे दी है।