लॉकडाउन के दौरान सिविल लाइंस में अवैध रूप से पकड़ी गई शराब में से कुछ माल गायब होने के मामले में लीपापोती होती नजर आ रही है। 16 दिन बीतने के बाद भी इस मामले में अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। उधर, शराब गायब कैसे हुई, इस बारे में भी कोई कुछ बोलने को तैयार नहीं।
मामला चार अप्रैल का है जब सिविल लाइंस स्थित मॉडल शाप से चोरी छिपे शराब बेचे जाने का मामला सामने आया था। पुलिस ने मॉडल शॉप के सामने खड़ी कार पकड़ी थी, जिसमें भारी मात्रा में शराब रखी थी। मौके से पकड़े गए विशाल दुआ नाम ने बताया था कि वह चोरी छिपे शराब बेचने के लिए ले जा रहा था। पुलिस का दावा था कि कार में बीयर की 144, रॉयल स्टैग की 24 व ब्लेंडर्स प्राइड की 12 बोतलें बरामद र्हुइं। हालांकि, मामला तब फंस गया जब मौके पर खींची गई एक तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल हुई। दरअसल, इस तस्वीर में टीचर्स ब्रांड की भी शराब दिख रही थी, जिसका जिक्र पुलिस की ओर से बरामद माल के संबंध में दिए गए विवरण में नहीं था। यही नहीं, पुलिस की ओर से कुल 56 हजार रुपये मूल्य की शराब बरामद करने का दावा किया गया था, लेकिन उसकी ओर से बरामद माल का जो ब्यौरा दिया गया, उसकी कीमत 43 हजार के आसपास ही ठहरती है। आठ दिन बीतने के बाद भी इस मामले में अब तक कोई कार्रवाई नहीं हो सकी। पुलिस की मौजूदगी में बरामद माल के गायब होने जैसे गंभीर मामले पर अफसरों ने भी चुप्पी साध रखी है।
दुकान मालिक की नहीं हुई गिरफ्तारी
लॉकडाउन के दौरान चोरी-छिपे शराब बेचे जाने के मामले में पुलिस ने सिविल लाइंस स्थित मॉडल शॉप के दो सेल्समैन राजू, जावेद और मालिक अमरजीत चौरसिया के खिलाफ भी मुकदमा दर्ज किया था। हालांकि अब तक तीनों ही आरोपियों का पुलिस पता नहीं लगा सकी है।