कुंभ की तैयारियों को परखने शहर पहुंचे सूबे के डीजीपी का विशेष जोर मेला ड्यूटी के दौरान पुलिसकर्मियों के अच्छे व्यवहार पर रहा। पुलिसकर्मियों को नसीहत देते हुए कहा कि कुंभ में आना सौभाग्य की बात है। ऐसे में जवान व अफसर श्रद्धाभाव से ड्यूटी करें।
डीजीपी ओपी सिंह शनिवार को कुंभ पुलिस लाइन में पुलिस कार्यालय के उद्घाटन के बाद मातहतों को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि कुंभ में आगमन मात्र ही सौभाग्य की बात मानी जाती है। आप लोगों को तो इस आयोजन में आकर श्रद्धालुओं की सेवा करने का मौका मिला है। ऐसे में मेले में ड्यूटी को सिर्फ ड्यूटी न मानें, बल्कि इसे अपना कर्तव्य समझें।
पूरे श्रद्धाभाव से श्रद्धालुओं की सुरक्षा करें। कहा कि मेले में देश ही नहीं बल्कि विदेश से भी श्रद्धालु आएंगे। ऐसे में पुलिसकर्मियों का व्यवहार ही विभाग की छवि भी बनाएगा। जरूरी है कि श्रद्धालुओं के साथ पूरी विनम्रता से पेश आया जाए। कोई भी ऐसा कृत्य न किया जाए, जिससे लोगों के मन में पुलिस के प्रति कोई गलत छवि बने। उन्होंने यह भी कहा कि पुलिसकर्मी महज सुरक्षाकर्मी ही बनकर न रह जाएं, बल्कि वह श्रद्धालुओं के लिए एक गाइड की तरह काम करें।
एडीजी एसएन साबत ने कुंभ की तैयारियों को लेकर योजना पर प्रकाश डाला। आईजी मोहित अग्रवाल ने कुंभ की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर जानकारी दी। डीआईजी कुंभ केपी सिंह ने यातायात व्यवस्था व आपातकालीन योजना पर प्रकाश डाला। एसएसपी नितिन तिवारी ने मेले को लेकर जिला पुलिस की तैयारियों के संबंध में अवगत कराया। एडीजी रेलवे संजय सिंघल ने बताया कि मेले को लेकर रेलवे स्टेशनों पर जीआरपी की ओर से किस तरह की तैयारियां की गई हैं।
बड़े हनुमान मंदिर पहुंचे, किया दर्शन
इससे पहले डीजीपी सुबह शहर पहुंचने के बाद सबसे पहले किला स्थित अक्षयवट के दर्शन करने पहुंचे। वहां कुछ देर तक सैन्य अफसरों से भी बातचीत की। इसके बाद बंधवा पहुंचकर उन्होंने बड़े हनुमानजी का दर्शन-पूजन किया। इसके बाद वह मेला पुलिस लाइन पहुंचे और पुलिस कार्यालय का उद्घाटन किया। साथ ही लाइन का निरीक्षण किया। जहां-जहां कमी दिखी, उसे जल्द से जल्द दुरुस्त करने का निर्देश दिया।
पांच को ट्रैफिक प्लान की होगी समीक्षा
मेला पुलिस लाइन में हुई बैठक के दौरान डीजीपी ने कुंभ संबंधित कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने सुरक्षा, भीड़ प्रबंधन, अग्निशमन, दूरसंचार, अभिसूचना, यातायात आदि से संबंधित योजनाओं का अवलोकन किया और संबंधित अधिकारियों को दिशा-निर्देश दिए। यातायात व्यवस्था को लेकर उन्होंने अफसरों को बेहद सजग रहने का निर्देश दिया। कहा कि इस महाआयोजन को सफल बनाने में यातायात योजना भी बेहद महत्वपूर्ण होगी। ऐसे में यातायात संबंधी जितने भी प्लान बनाए गए हैं, उन्हें हर हाल में 10 दिसंबर तक फाइनल करें। इससे पहले पांच दिसंबर को एडीजी लॉ एंड ऑर्डर कुंभ में यातायात व्यवस्था से संबंधित सभी योजनाओं की समीक्षा करेंगे।
पांटून पुलों के लिए बनाई जाए विशेष योजना
बैठक में डीजीपी ने अफसरों से पांटून पुलों की यातायात व्यवस्था को लेकर विशेष सतर्कता बरतने को कहा। उन्होंने कहा कि पिछले मेलों से उलट इस बार अखाड़ों को गंगापार में जगह दी गई है। ऐसे में शाही स्नान के दिन वह पांटून पुलों से होकर ही संगम नोज तक पहुंचेंगे। मुख्य स्नान पर्व होने के कारण श्रद्धालुओं की भीड़ भी इस दिन काफी ज्यादा होगी। ऐसे में भीड़ प्रबंधन विशेष चुनौती होगी। इसलिए शाही स्नान के मौके पर पांटून पुलों के लिए विशेष यातायात योजना बनाएं।
तैयारियों को लेकर दिखे संतुष्ट
अफसरों का दावा है कि डीजीपी कुंभ के मद्देनजर तैयारियों को लेकर संतुष्ट दिखे। जहां थोड़ी बहुत कमियां थीं, उन्हें दूर करने की हिदायत दी। आईजी ने बताया कि उनका खास जोर सुरक्षा और मेला ड्यूटी के दौरान पुलिसकर्मियों के व्यवहार को लेकर रहा। इसके अलावा उन्होंने कुंभ से जुड़े कार्यों को जल्द से जल्द पूरा करने के निर्देश दिए।
तेज रहीं धड़कनें, डीजीपी के जाने के बाद ली राहत की सांस
उधर डीजीपी के दौरे के दौरान जिला पुलिस अफसरों की सांसें दिन भर ऊपर नीचे होती रहीं। चर्चा यह भी रही कि डीजीपी कानून व्यवस्था को लेकर पुलिस अफसरों के पेच कस सकते हैं। खासतौर से मम्फोडगंज एटीएम से 16.61 लाख की चोरी की घटना को लेकर नाराजगी जता सकते हैं। हालांकि ऐसा कुछ नहीं हुआ। उधर डीजीपी के लखनऊ रवाना होने के बाद अफसरों ने राहत की सांस ली।