इलाहाबाद। उत्तर मध्य रेलवे (एनसीआर) के कुछ अफसरों की मनमानी इन दिनों यात्रियों पर भारी पड़ रही है। मुरी हादसे के बाद अब सबकुछ ठीक चल रहा है तो एनसीआर प्रशासन संगम, मथुरा-जयपुर जैसी लोकप्रिय ट्रेनों को निरस्त किए जा रहा है। रविवार को सप्ताह भर के भीतर मथुरा-जयपुर एक्सप्रेस पांचवी बार रेलवे ने निरस्त कर दी। ऐन वक्त पर ट्रेन निरस्त क्यों की गई अफसर इसका वाजिब कारण भी नहीं बता सके। ट्रेन निरस्त होने से सबसे ज्यादा परेशानी बच्चों को हुई। ऐसा इसलिए क्योंकि गर्मी की छुट्टियां सभी स्कूलों में शुरू हो चुकी हैं। बहुत से लोगों ने अपने बच्चों के साथ घूमने फिरने का प्रोग्राम तीन चार माह पहले ही बना लिया था। लेकिन उन्हें अब मजबूरी में अपनी यात्रा स्थगित करनी पड़ रही है।
25 मई को सिराथू के करीब मुरी एक्सप्रेस हादसे केबाद दिल्ली रूट बाधित हो गया। 27 मई की सुबह 4.40 बजे रेलवे ने इस रूट पर ट्रेनों का संचालन सामान्य कर दिया। हालांकि इस अवधि में नई दिल्ली जाने वाली वीआईपी ट्रेन प्रयागराज एक्सप्रेस दो बार, संगम एक्सप्रेस चार बार निरस्त की जा चुकी है। इतना ही नहीं जयपुर जाने वाली मथुरा-जयपुर सुपरफास्ट एक्सप्रेस सप्ताह भर में अब तक पांच बार निरस्त की जा चुकी है। रविवार को भी बिना किसी सूचना के गाड़ी संख्या 12403 मथुरा-जयपुर एक्सप्रेस एनसीआर ने निरस्त कर दी। यात्री स्टेशन पहुंचे तो वे अपने तो ठगा महसूस करने लगे। इलाहाबाद से आगरा, मथुरा और जयपुर जाने वाले तमाम यात्री इसी ट्रेन से सफर करना पसंद करते हैं। छुट्टियों में हिल स्टेशन पैक होने की वजह से तमाम लोगों ने आगरा का ताजमहल, मथुरा में कृष्ण जन्मभूमि और जयपुर में हवा महल एवं अन्य ऐतिहासिक स्थल देखने का प्रोगाम बना रखा था। लेकिन ट्रेन निरस्त होने से उनके अरमानों पर पानी फिर गया। कुछ लोगों ने इन स्थानों पर रुकने के लिए होटलों आदि में भी अपनी बुकिंग करवा ली थी। रविवार को लोग रेलवे की इस व्यवस्था से खासे नाराज दिखे।
हालांकि रेलवे ने यात्रियों को पूरा रिफंड देने की व्यवस्था की, लेकिन जिन लोगों ने अपने कार्यालयों से छुट्टी ले रखी है, वे रेलवे की इस व्यवस्था से खासे नाराज हुए। उधर चर्चा इस बात की भी है कि इन दिनों मंडल में लूप लाइनों में खड़ी मालगाड़ियों को पास किया जा रहा है, ताकि एनसीआर की आय में इजाफा हो। इस वजह से यात्री ट्रेनों को निरस्त किया जा रहा है। वहीं दूसरी ओर कोलकाता-आनंद विहार एक्सप्रेस भी रविवार को जंक्शन नहीं पहुंची, जबकि कानपुर इंटरसिटी एक बार फिर निरस्त कर दी गई।
‘गुर्जर आंदोलन के बाद उत्तर पश्चिम रेलवे (डब्ल्यूसीआर) में ट्रेनों का काफी लोड बढ़ गया है। इसी वजह से रेलवे बोर्ड ने रविवार को जयपुर एक्सप्रेस निरस्त की है। ’ बिजय कुमार (सीपीआरओ, एनसीआर)