रानीगंज थाना क्षेत्र की रहने वाली युवती हॉस्पिटल में चार वर्षों से काम करती थी। अस्पताल में कौलापुर नंदपट्टी का रहने वाला शहबाज भी दो वर्षों से वार्डबॉय का काम करता था। पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार ने बताया कि हॉस्पिटल में काम करने वाली युवती की 27 मार्च को मौत हो गई। दूसरे दिन मृतका की मां की तहरीर के आधार पर अस्पताल संचालक समेत छह लोगों के खिलाफ गैंगरेप, हत्या समेत अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज करते हुए सीओ पट्टी को विवेचना दी गई थी।
27 मार्च को शादी से मना करने पर ड्यूटी के दौरान मृतका ने जहर खा लिया। साथियों की मदद से उपचार करने का प्रयास किया गया लेकिन उसकी मौत हो गई। पुलिस से बचने के लिए सहयोगियों ने अस्पताल से साक्ष्य मिटाए थे। मुख्य आरोपी की मदद करते हुए प्रयागराज के करछना थाना क्षेत्र के खाई निवासी डॉ. अमित कुमार पांडेय उर्फ धीरज और अस्पताल मैनेजर हुसैनपुर निवासी क्षेत्र पंचायत सदस्य सुनील यादव ने साक्ष्य मिटाए थे।
मुख्य आरोपी शहबाज ने मृतका संग पूर्व में दुष्कर्म करने व उसे जान देने के लिए प्रताड़ित करने का काम किया है। गर्भपात कराने की भी आशंका की जांच चल रही है। लिखापढ़ी के बाद तीनों आरोपियों को जेल भेजा जा रहा है। अन्य नामजद आरोपियों के भूमिका की जांच करते हुए साक्ष्य संकलित किया जा रहा है। पत्रकार वार्ता में एएसपी पूर्वी दुर्गेश सिंह, सीओ पट्टी मनोज रघुवंशी मौजूद रहे।
कई युवतियों से मुख्य आरोपी ने बनाए थे शारीरिक रिश्ते
अस्पताल में काम करने वाली युवती की मौत के बाद पुलिस की जांच में मुख्य आरोपी के कारनामे सामने आए हैं। सूत्रों के अनुसार आरोपी शहबाज के मोबाइल में कई लड़कियों के साथ नग्न वीडियो व तस्वीरें मिली हैं। मृतका से भी प्रेम प्रसंग से जुड़ी चैटिंग मिली है।