सिकंदरा स्थित गाजी मियां की दरगाह पर चढ़ावे की रकम में हिस्सेदारी को लेकर चल रहा विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। शनिवार की रात में पुलिस ने दूसरे पक्ष की एक महिला की तहरीर पर दरगाह कमेटी के अध्यक्ष सफदर जावेद सहित चार लोगों के खिलाफ 50 हजार की रंगदारी मांगने और जान से मारने की धमकी देने के आरोप में केस दर्ज किया था। रिपोर्ट दर्ज कर पुलिस ने रविवार को सफदर जावेद और सलमान को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
28 सितंबर को गाजी मियां की दरगाह पर चढ़ावे की रकम को लेकर मारपीट हुई थी। जिसमें करीब एक दर्जन लोग घायल हुए थे। मामले में एक पक्ष से सफर जावेद ने 12 लोगों के खिलाफ दान पेटिका लूटने और मारपीट करने के आरोप में मुकदमा दर्ज कराया। दूसरे पक्ष से मोहम्मद अकरम की तहरीर छह लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया था।
पुलिस ने दूसरे पक्ष के मोहम्मद अकरम सहित तीन लोगों गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। जबकि सफदर जावेद के पक्ष के रियासत अली का शांतिभंग में चालान किया गया था। जिसे बाद में जमानत मिल गई थी।
शनिवार को मोहम्मद अकरम के पक्ष की बदरुन्निशा पत्नी मोहम्मद मुस्तफा ने बहरिया थाने में लिखित तहरीर देकर आरोप लगाया कि सफदर जावेद, परवेज पुत्र नन्हेशाह व सलमान पुत्र बन्ने और इरशाद उर्फ जानू पुत्र कल्लू दरगाह विवाद से रंजिश रखते हुए शनिवार को आए और घर में घुसकर जान से मारने की धमकी देते हुए 50 हजार की रंगदारी मांगी।
डर से बदरून्निशा ने पांच हजार रुपये आरोपियों को दे दिए। जिसके बाद वह जान से मारने की धमकी देते हुए चले गए। पीड़िता की तहरीर पर पुलिस ने चारों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज करते हुए सफदर जावेद और सलमान को गिरफ्तार कर रविवार को जेल दिया। थानाध्यक्ष बहरिया ब्रजेश सिंह ने बताया कि अन्य आरोपियों की तलाश की जा रही है। उन्हें भी जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा।