इलाहाबाद विश्वविद्यालय (इविवि)
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प्रयागराज। इलाहाबाद विश्वविद्यालय (इविवि) में जल्द ही अलग-अलग वायरस पर रिसर्च शुरू होगी। कोरोना वायरस पर भी शोध होगा। इविवि में उच्च स्तरीय रिसर्च के लिए जीनोमिक सेंटर का निर्माण कार्य शुरू हो गया है। पिछले दिनों सिंगापुर से आई विशेषज्ञों की टीम ने इस डिजाइन किया और इसके बाद काम को आगे बढ़ाया गया।
डिपार्टमेंट ऑफ बायोटेक्नोली, भारत सरकार की ओर से जीनोमिक सेंटर के लिए इविवि को 20 करोड़ रुपये जारी किए गए हैं। हालांकि इसकी मंजूरी काफी पहले ही मिल गई थी, लेकिन जीनोमिक सेंटर का निर्माण कार्य शुरू नहीं कराया जा सका था। इविवि समेत देश में केवल तीन संस्थानों को यह महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट मिला है। इविवि में बायोकेमेस्ट्री के विभागाध्यक्ष प्रो. एसआई रिजवी इस प्रोजेक्ट के प्रिंसिपल इंवेस्टिगेटर हैं। इविवि के अलावा यह प्रोजेक्ट हैदराबाद के इंस्टीट्यूट सीडीएफओ और पश्चिम बंगाल में कल्याणी स्थित नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ बायोमेडिकल जीनोमिक्स को मिला है।
इविवि में बनाए जा रहे जीनोमिक सेंटर की प्रयागशाला के लिए विज्ञान संकाय में ही एक हॉल आवंटित कर दिया गया है। कुछ दिनों पहले सिंगापुर से विशेषज्ञों की एक टीम इविवि में आई थी और प्रयोगशाला को उसी टीम ने डिजाइन किया। जीनोमिक सेंटर के प्रिंसिपल इंवेस्टीगेटर प्रो. एसआई रिजवी ने बताया कि सेंटर में 14 करोड़ रुपये की लागत से केवल मशीन ही लग जाएगी। इस प्रोजेक्ट के तहत अलग-अलग वायरस समेत बैक्टीरिया और जीन के स्तर पर महत्वपूर्ण रिसर्च किए जाएंगे। सेंटर में कोरोना वायरस पर भी उच्व स्तरीय शोध किया जाएगा।