इसके बाद 2019 तक आधा दर्जन हत्याएं हुईं। सभी मामलों में संतोष भी नामजद है। इस वक्त वह फतेहगढ़ के जेल में बंद है। संतोष की तकरीबन आठ करोड़ की जमीन पर पुलिस और प्रशासन ने बृहस्पतिवार को थरवई में कार्रवाई की थी। दूसरे दिन शुक्रवार को तहसीलदार फूलपुर अजीत कुमार सिंह, इंस्पेक्टर झूंसी वैभव सिंह तथा पीएसी की मौजूदगी में संतोष के झूंसी के शेरडीह गांव के मकान को कुुर्क की किया गया।
दोपहर तकरीबन दो बजे मकान के कुर्की की कार्रवाई शुरु की गई। कार्रवाई के दौरान संतोष का पिता चंद्रभान यादव, पूर्व प्रधान व चंद्रभान की पत्नी सरस्वती देवी, दोनों बहुएं ममता और रंजना भी मौजूद रहीं। पुलिस ने पूरे मकान को खाली कराने के बाद ताला लगाकर सील कर दिया। पुलिस के मुुताबिक संतोष का मकान तकरीबन 15 बिस्वे में बनाया गया है।
इसकी कीमत तकरीबन दो करोड़ है। इसके साथ ही संतोष की दो लग्जरी कार इंडिवर और टाटा सफारी को भी कुर्क किया गया। गांव में संतोष की पत्नी ममता और भाभी रंजना देवी के नाम तकरीबन पंद्रह बिस्वा जमीन को भी कुर्क कर लिया गया। इंस्पेक्टर वैभव सिंह के मुताबिक जमीन, मकान और लग्जरी गाड़ियों की कीमत तकरीबन पांच करोड़ है। कार्रवाई के दौरान गांव में सन्नाटा पसरा रहा।
दो दिन में गैंगस्टर की 13 करोड़ की संपत्ति हुई कुर्क
झूंसी के शेरडीह गांव के कुख्यात गैंगस्टर संतोष यादव की दो दिनों के भीतर पुलिस और प्रशासन ने तकरीबन 13 करोड़ की संपत्ति को कुर्क किया है। बृहस्पतिवार को थरवई के डेरा गदाई गांव में संतोष और उसके पिता चंद्रभान द्वारा सौ बीघे से ज्यादा भूमि पर की जा ही प्लाटिंग की जमीन को कुर्क किया गया था। इसकी कीमत तकरीबन आठ करोड़ रुपये बताई गई थी। इसी बीच दूसरे दिन शुक्रवार को उसके शेरडीह गांव स्थित उसके मकान, पत्नी और भाभी के नाम की तकरीबन पांच करोड़ की जमीन व गाड़ियों पर कुर्की की कार्रवाई की गई।