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विजय मिश्र के दो मकान के ध्वस्त करने पर गैंगस्टर कोर्ट ने लगाई रोक

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Gangster court bans demolition of Vijay Mishra's two houses
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गैंगस्टर एक्ट के विशेष न्यायाधीश ने स्थानीय निकाय एवं प्रयागराज विकास प्राधिकरण को आदेश दिया है कि इस अदालत की अनुमति के बिना एवं मामले का निस्तारण होने के पूर्व प्रार्थिनी रामलली के बाघम्बरी हाउसिंग स्कीम अल्लापुर के दोनों मकान के किसी भी हिस्से को ध्वस्त न किया जाए।
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यह आदेश गैंगस्टर कोर्ट के न्यायाधीश संजय कुमार शुक्ला ने प्रार्थिनी और अभियोजन के अधिवक्ता को सुन कर दिया है।
अदालत ने कहा कि विचारणीय वाद में उपरोक्त संपत्ति निहित है, जो कि न्यायालय के अधीन सील की गई है।
इस संपत्ति को रिलीज करने की कार्यवाही विचाराधीन है। हाईकोर्ट ने रिलीज मामले को तीन माह के भीतर निस्तारित करने का आदेश जनवरी 2020 में दिया है। यदि संपत्ति ध्वस्त कर दी जाएगी तो यह उच्च न्यायालय के आदेश का उल्लंघन होगा। ऐसी स्थिति में उपरोक्त संपत्ति के ध्वस्त किए जाने से रोका जाना आवश्यक है।
गैंगेस्टर कोर्ट में राम लली मिश्र ने यह प्रार्थना पत्र राज्य बनाम विजय मिश्र धारा 2/ 3 गैंगस्टर एक्ट, थाना सिविल लाइंस, वर्ष 2003 के मुकदमे में विजय कुमार मिश्र की ओर से वर्ष 2017 में दिए गए रिलीज प्रार्थना पत्र की सुनवाई के मामले में प्रस्तुत किया है।
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राम लली मिश्र की ओर से कहा गया है कि मकान नंबर 1/2 एवं 13/16 बाघम्बरी हाउसिंग स्कीम, अल्लापुर इलाहाबाद उनकी संपत्ति है। इसमें विजय कुमार मिश्र का कोई हक और कब्जा नहीं है। इस संपत्ति को नाजायज तरीके से गैंगस्टर एक्ट के अंतर्गत सीज कर दिया गया है, जो कि न्यायालय के अधीन है व न्यायालय के कब्जे में है। इस संपत्ति को जिला प्रशासन, विकास प्राधिकरण ध्वस्त करना चाहता है।
मकान को मानचित्र के विपरीत निर्माण होना बताकर विकास प्राधिकरण ध्वस्त करना चाहता है जबकि, वह स्वयं मकान के उस हिस्से को तोड़ना चाहती हैं, जो मानचित्र के विपरीत निर्माण किया जाना बताया जाता है।
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