केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी परियोजना नमामि गंगे योजना की शुरूआत बृहस्पतिवार को इलाहाबाद में हुई। इस योजना का शुभारंभ केंद्रीय राज्य मंत्री साध्वी निरंजन ज्योति ने भाजपा प्रदेश अध्यक्ष केशव प्रसाद मौर्य और सांसद श्यामा चरण गुप्त की मौजूदगी में किया। हालांकि इस कार्यक्रम में जिला प्रशासन और जल निगम के अफसरों के शामिल न होने से केशव प्रसाद में खूब खरी-खरी सुनाई। उन्होंने अफसरों की गैर हाजिरी के लिए सीधे तौर पर प्रदेश सरकार को जिम्मेदार ठहराया। कहा कि विकास के कार्यक्रमों पर सपा सरकार को राजनीति नहीं करनी चाहिए ।
स्टेनली रोड स्थित आरडी पैलेस में गंगा को अविरल और निर्मल बनाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की महत्वाकांक्षी परियोजना नमामि गंगे योजना के शुभारंभ में 81 करोड़ की लागत से होने वाले काम को मंजूरी दी गई। इसके तहत 10 घाटों और छह शवदाह गृहों को विकसित करने का कार्यक्रम शुरू किया गया। समारोह में केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि यह काम 2019 तक पूरा हो जाएगा। उन्होंने बताया कि शहर में 1235 करोड़ रुपये की लागत से सीवर का काम चल रहा है। अभी तकरीबन 800 करोड़ रुपये की योजनाएं प्रस्तावित हैं।
उधर कार्यक्रम में मंडलायुक्त, जिलाधिकारी, नगर आयुक्त आदि अफसरों के साथ जल निगम के अफसरों की गैरमौजूदगी को लेकर सांसद केशव प्रसाद और श्यामाचरण भड़क गए। केशव ने कहा नगर विकास मंत्री ने नगर निगम और जल निगम के अफसरों को कार्यक्रम में आने से रोक दिया। यह दुर्भाग्यपूर्ण हैं। केंद्र सरकार यूपी में जिस भी परियोजना पर काम करना चाहती है उसमें प्रदेश सरकार रोड़ा बन जाती है।
कार्यक्रम में अफसरों के गैरहाजिर रहने पर सांसद श्यामा चरण गुप्ता ने कहा देश के लिए पीएम मोदी लगातार अच्छे काम कर रहे हैं, लेकिन प्रदेश की सपा सरकार हर एक काम में रुकावट पैदा करने का काम कर रही है। यूपी की जनता प्रदेश की सपा सरकार को इसका करारा जवाब अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव में देगी। कार्यक्रम में नगर अध्यक्ष अवधेश चंद्र गुप्ता, डॉ. एलएस ओझा, विजय मिश्र, सुबोध सिंह, पदुम जायसवाल, नरेंद्र देव पांडेय, शशि वार्ष्णेय, प्रभाशंकर पांडेय, शशांक त्रिपाठी, शिवेंद्र मिश्र, देवेंद्र मिश्र आदि मौजूद रहे।
केंद्रीय राज्य मंत्री साध्वी निरंजन ज्योति ने भी प्रदेश की अखिलेश सरकार पर अपनी भड़ास निकाली। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी के पास परियोजनाएं बहुत हैं, लेकिन इसमें प्रदेश सरकार रुकावट पैदा करने का काम कर रही है। प्रदेश सरकार हर एक काम में रोड़ा लगा रही है। नमामि गंगे प्रोजेक्ट पीएम मोदी का सपना है, इसे हर हाल में साकार करना है। साध्वी ने कहा कि पीएम मोदी का कहना है कि देश और गंगा को साफ रखें, तभी हम भी स्वस्थ रहेंगे और देश को प्रदूषण से भी मुक्त कर पाएंगे। साध्वी ने दावा किया कि अब गंगा सफाई का असर दिखने लगेगा और वर्ष 2018 तक गंगा पूरी तरह से साफ हो जाएगी।
नमामि गंगे योजना के तहत जिन घाटों का चयन किया गया है उसमें रसूलाबाद घाट, शिवकुटी घाट, अरैल घाट, गऊ घाट, सरस्वती घाट, बरगद घाट, बुलआ घाट, काली मां घाट, फाफामऊ घाट और किला घाट शामिल हैं। इन घाटों पर तमाम सुविधाएं उपलब्ध कराने की तैयारी की गई है। यहां स्नान प्लेटफार्म, महिलाओें के लिए अलग से स्नान करने का क्षेत्र, सैर करने के लिए क्षेत्र, गंगा आरती और नदी को देखने के लिए लोगों के बैठने की व्यवस्था, कपड़े बदलने के लिए कमरे, पेयजल सुविधा, प्रसाधन, दुकानें लगाने के लिए स्थल, बागवानी एवं वृक्षारोपण, एलइडी/सौर प्रकाश, पीए सिस्टम एवं साइनेज और पार्किंग की व्यवस्था रहेगी।
इसके अलावा रसूलाबाद घाट, फाफामऊ, दारागंज, झूंसी, कनहाईपुर, ककराहा घाट में शवदाह गृह के लिए प्रस्तावित सुविधाओं में लकड़ी और गाय के गोबर पर आधारित उन्नत प्रणाली के शवदाह गृह, प्रार्थना हाल और प्रतीक्षा स्थल, कार्यालय क्षेत्र, रस्में करने और शरीर धोने के लिए स्थल, लकड़ी और सीडीसी भंडारण क्षेत्र, लाइटिंग और साइनेज, चारदीवारी, संकेत बोर्ड, पार्किंग क्षेत्र आदि की योजना है। यह सारा काम इंजीनियर्स इंडिया लिमिटेड को करना है।